भारत में श्वेतवसन अपराध क्या है | Saphed Vasan Apradh Kaise Aur Kaun Karta Hai

 

श्वेत वसन अपराध का अर्थ
सफेदपोश अपराध को रोकने के उपाय

श्वेतवसन अपराध की अवधारणा : एक अवधारण(Concept) के रूप में श्वेतवसन अपराध को एक ऐसा अपराध कहा जा सकता है जिसे एक प्रतिष्ठित तथा उच्च सामाजिक स्थिति वाला व्यक्ति अपने पेशे के दौरान करता है । इस परिभाषा में जिस सबसे महत्वपूर्ण तथ्य को स्पष्ट किया वह यह है कि उच्च सामाजिक स्थिति वाले व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले सभी अपराधों को हम श्वेतवसन अपराध नहीं कहेंगे बल्कि व्यवस्था अथवा पेशे के दौरान किया जाने वाला कानून विराधी कार्य ही इस श्रेणी के अन्तर्गत आता है ।

श्वेत वसन अपराध क्या है भारत में श्वेत वसन अपराध के प्रकारों का वर्णन करें

 उदाहरण के लिए यदि कोई इन्जीनियर किसी व्यक्ति की हत्या कर दे तो इसे श्वेतवसन अपराध नहीं बल्कि अपराध कहा जायेगा क्योंकि इस अपराध का संबंध उसके पेशे से नहीं है । इसके विपरीत यदि वहीं इन्जीनियर बाँधों और पुलों के निर्माण में सीमेण्ट के स्थान पर रेत मिलाने के लिए ठेकेदार से रिश्वत ले तो यह उसके पेशे के दौरान किया गया अपराध है , जिसे श्वेतवसन अपराध कहा जायेगा । इस दृष्टिकोण से कहा जा सकता है कि श्वेतवसन अपराध समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा किये जाने वाला वह समाज विरोधी कार्य है जो एक व्यक्ति को व्यावसायिक कार्य प्रणाली के अंग के रूप में ही किया जाता है तथा इसे सिद्ध करना अक्सर बहुत कठिन होता है । 

  • भारत में श्वेतवसन अपराध की समस्याओं की विवेचना कीजिए ।
  • सफेद पोश अपराध का अर्थ स्पष्ट कीजिए और इसके विभिन्न स्वरूपों का वर्णन कीजिए । 


  • भारत में श्वेतवसन अपराध की समस्या की विवेचना कीजिए । इसके कारणों की विवेचना कीजिए ।


  •  श्वेतवसन अपराध की परिभाषा कीजिए । भारत वर्ष में इसकी समस्याओं की विवेचना कीजिए । 


  • श्वेत्तसन अपराध पर टिप्पणी लिखिये । 


  •  श्वेत वसन अपराध क्या है ? स्पष्ट कीजिये 


  •  श्वेत वसन अपराध को परिभाषित कीजिए ? भारतीय समाज में इसके रोकथाम के उपाय समझाइये ?


  •  श्वेतवसन अपराध की अवधारणा की व्याख्या कीजिए एवं श्वेतवसन अपराध को रोकने के उपायों की व्याख्या कीजिए ।


  •  श्वेतवसन अपराध क्या है ? भारत में सामाजिक और आर्थिक विकास को यह किस प्रकार प्रभावित करता है ?

क्लीनार्ड ( Clinard ) ने काला बाजारी से संबंधित व्यवहारों के सन्दर्भ में श्वेतवसन अपराध को परिभाषित किया । क्लीनार्ड महोदय का कहना है कि श्वेतवसन अपराध कानून का उल्लंघन है जो मुख्य रूप से व्यापारियों व्यवसायियों और राजनीतिज्ञों में जैसे समूहों द्वारा अपने व्यवसाय के संबंध में किया जाता है ।

 श्वेतवसन अपराध की विशेषताएं 

 1. श्वेत वसन अपराध की विशेषता यह है कि ऐसे अपराध उच्च सामाजिक आर्थिक वर्ग के उन लोगों के द्वारा किये जाते है जिन पर अपराधी होने का साधारण लोगों को सन्देह नहीं होता । 

श्वेत वसन अपराध की अवधारणा की व्याख्या कीजिए

2. श्वेतवसन अपराध केवल वे अपराध हैं जिन्हें एक व्यक्ति अपने देश का लाभ प्राप्त करके करता है । 

3. यह अपराध मुख्य रूप से आर्थिक प्रकृति के होते है क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक धन का संचय करके तरह - तरह की सुख - सुविधाओं का प्राप्त करना होता है । 

श्वेतवसन अपराध के कारण

4. श्वेतवसन अपराध साधारण तथा कानून की पकड़ से बाहर रहते है । इसका कारण यह है कि एक ओर यह अपराध उन व्यक्तियों के द्वारा किये जाते है जिनका राजनीति तथा प्रशासन पर गहरा प्रभाव होता है अथवा दूसरी ओर यह अपराध इस ढंग से किये जाते है कि कानून को तोड़ मरोड़कर उन्हें अपराध प्रमाणित न किया जा सकता हो । 

श्वेतवसन अपराध के परिणाम

5. श्वेतवसन अपराध बाहरी रूप से समाज सेवा जनकल्याण अथवा व्यक्तिगत सहायता से संबंधित होते है लेकिन आन्तरिक रूप से यह सम्पूर्ण समाज और देश के हितो के प्रतिकूल रूप से प्रभावित करते हैं ।

 श्वेतवसन अपराध की रोकथाम हेतु समाज शास्त्री द्वारा निम्नांकित सुझाव दिये गये है

 01. राष्ट्रीय स्तर पर इस अपराध के रोकथाम के लिये गुप्तचर विभाग का और विस्तार किया जाना चाहिये । 

02. सरकार द्वारा भ्रष्टाचार विरोध समिति की स्थापना कि जाय । 

03. समाज में प्रतिस्ठित व्यक्तियों , अधिकारियों एवं राजनेताओं की सम्पत्ति तथा कार्य व्यापार की जाँच होनी चाहिये । 

04. सामाजिक विभोदीकरण के सरकारी प्रयासों एवं सामाजिक सुधार द्वारा समाप्त किया जाय । 

05. सार्वजनिक Grievance विभाग की स्थापना होने की जरूरत है ।

06. श्वेतवसन अपराधियों को भी सामान्य कानून के तहत दण्डित किया जाय और दण्ड की मात्रा अपराध के अनुसार ही हो । 

07. न्यायधीशों द्वारा श्वेतवसन अपराधियों के प्रति वरती जाने वाली नरमी का गुप्तचर विभाग ध्यान रखकर इसकी सूचना सरकार 

08. श्वेतवसन अपराधियों में कर्तव्यपरायणता , सदाचार ईमानदारी और उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जाय । 

09. श्वेतवसन अपराधियों में देशभक्ति एवं राष्ट्रीयता की भावना उत्पन्न की जाय । 

आर्थिक अपराध की परिभाषा

10. समाज में व्याप्त आर्थिक विषमता , द्ररिद्रता एवं पूँजी के केन्द्रीयकरण को समाप्त किया जाय । 

वास्तविकता यह है कि प्रत्येक समाज में उच्च पदों पर आसीन उच्च वर्ग ही जन साधारण के लिये एक आदर्श होता है । यह वर्ग चाहे ईमानदार हो या बेईमान साधारण लोग उन्हीं को अपना आदर्श | मानकर उनका अनुकरण करते हैं । इस दशा में समाज को स्वस्थ तभी बनाया जा सकता है जब उच्च वर्ग के व्यवहारों पर कठोर नियंत्रण रखा जाय तथा उन्हें पद और अधिकार के दुरूपयोग करने से रोका जाय । 

श्वेत वसन अपराध से आप क्या समझते हैं

श्वेतवसन अपराध की समस्या : भारतवर्ष में श्वेतवसन अपराध की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है । आज कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां पर श्वेतवसन अपराध न किया जा रहा हो । आज जालसाजी करके घूस लेकर , विश्वासघात करके , पद का दुरूपयोग करके , श्वेतवसन अपराध को बढ़ावा दिया जा रहा है । आज व्यवसाय के क्षेत्र में चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में राजनीतिक के क्षेत्र में श्वेतवसन अपराधी हमें दिखाई देते है जो एक समस्या के रूप में ऐ अपना एक  विकराल रूप धारण कर लिया है । श्वेतवसन अपराध की समस्या को अनेको रूपों में जाना जा सकता है । 

सफेदपोश अपराध क्या है

1. व्यापारी वर्ग श्वेतवसन अपराधी के रूप में : - व्यपारी वर्ग को दो मुख्यों वर्गों में बांटा जा सकता है उच्च व्यापारी वर्ग ( 2 ) निम्न व्यापारी वर्ग श्वेतवसन अपराध दोनों ही वर्गों में होता है , जैसे - असल्य विज्ञापन , मिलावट , चोरबाजारी , झूठे दस्तावेज आयकर चोरी आदि ।

 अपूर्ण अपराध क्या है

2. चिकित्सक श्वेतवसन अपराधी के रूप में : - वैसे तो डॉक्टर अपने पेशे के प्रति ईमानदार होते है , पर ऐसे डाक्टरों की कमी नहीं जो धन कमाने के लिए श्वेतवसन अपराध करते है इसके अन्तर्गत झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट , सम्पत्ति तथा धन के लालच में हत्या आदि कारण आते है । कुछ डाक्टर मरीजों से किसी विशेष दुकान से दवाई खरीदों को कहते हैं जहां से उन्हें कमीशन प्राप्त होता है एक बार मरीज की परीक्षा करने के बाद उस दूसरे डाक्टर के पास जाने को कहते है और इस प्रकार मरीज से दोहरी फीस भी लेते हैं । 

अपराध पर निबंध

3. वकील श्वेतवसन अपराध के रूप में : - वकील भी अधिक धन कमाने के लोभ में श्वेतवसन अपराध करते है । उदाहरण के लिए ये झूठी गवाही द्वारा निर्दोष को दण्ड दिलाते है तथा दोषी को दण्ड से बचाते है । कभी - कभी ऐसा भी होता है कि वे पैसे लेकर विरोधी पक्ष से मिल जाते है । क्योंकि वकील कानून को जानकार होता है इस कारण ऐसा कोई प्रमाण नहीं छोड़ता जिससे वह अपराधी घोषित हो सकते पर कमी - कभी वकील भी कानून को गिरफ्त में आ जाता है । 

अपराध के प्रकार की विवेचना करें

4. सरकारी अधिकारी एवं राजनीतिज्ञ श्वेतवसन अपराधी के रूप में : -कई बार सरकारी अधिकारी भी अपनी उच्च स्थिति का अनुचित लाभ उठाते है तथा अवैध रूप से लाखों रूपया एकत्रित कर लेते है । अपनी उच्च स्थिति के कारण वे लोग पुलिस की पहुच के बाहर होते ही है इन्हें राजनीतिज्ञों का शरण प्राप्त होता है ऐसी स्थिति में बिना किसी डर के अधिकारों का दुरुपयोग करते है । इसी प्रकार राजनीतिज्ञ भी श्वेतवसन अपराधी हो सकते है क्योंकि इनके पास सत्ता होती है तथा वे इसका अनुचित प्रयोग करके अपने संबंधियों व जान - पहचान वाले लोगों को लाखों रुपयों का लाभ पहुंचा सकते है ।

श्वेत वसन अपराध का प्रमुख कारण क्या है?

 श्वेतवसन अपराध के कारण : - सफेदपोश अपराध की समस्या मनुष्य को धन प्राप्त करने की लालसा तथा भौतिक सुख - समृद्धि , ऐशो आराम तथा विलासितापूर्ण वस्तुओं के संग्रहण की प्रवृत्ति के कारण उत्पन्न हुई है । धन संग्रहण का उत्तरोत्तर बढ़ता हुआ महत्व आधुनिक समाज में उच्च प्रस्थिति का निर्धारक मापदण्ड बन चुका है आज के प्रतियोगिता पूर्ण अर्थव्यवस्था व औद्योगिक समाज के बदलते परिवेश में जहां मनुष्य की सफलता तथा कीर्ति उसके द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली भौतिक उपभोग की वस्तुओं पर निर्भर रहती है 

अपराध क्या है अपराध के प्रमुख कारण?

 वहां प्रत्येक व्यक्ति में अपने अन्य साथियों की अपेक्षा अधिक - से अधिक धन संग्रहण करने तथा भौतिक विलासितावादी वस्तुओं करने की प्रवृत्ति उत्तरोत्तर बढ़ती जाती है । अपनी इस भौतिक व्यास को मिटाने के लिए व्यक्ति अपनी बुद्धि का उपयोग ऐसी योजनाओं में करता है जो सफेद पोश अपराध के रूप में गोचर होती है और उसके लिए लाभप्रद सिद्ध होती है । अपराध के कारणों के निम्न रूपों में समझा जा सकता है 

1. पूंजीवादी अर्थव्यवस्था जितनी ही सशक्त होगी , सफेद पोश अपराध उतने ही अधिक घटित होंगे । 

2. व्यक्ति में धन लोलुपता की प्रवृत्ति जितनी ही अधिक होगी उनमें अवैधानिक कार्य करने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होगी 

3. अधिक साधनों का वितरण जितना ही आसान होगा उच्चवर्ग के सदस्यों में अर्थजन करने के सन्दर्भ में सामाजिक तथा अवैधानिक कार्य करने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होगी । 

4. भौतिकवादी वस्तुओं को संग्रहण करने की प्रवृत्ति जितनी ही अधिक विकसित होगी व्यक्तियों में सफेद पोश अपराधिता की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होगी । 

5. वर्ग चेतना की प्रवृति जितनी उग्रतर होगी लोगों में अपनी सामाजिक - आर्थिक प्रस्थिति उच्चतर बनाये रखने के लिए अपने व्यवसायों के सन्दर्भ में अवैधानिक तथा असामाजिक साधनों के आधार पर अर्थाजन करने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होगी । 

6. बड़े - बड़े व्यापारियों , व्यवसायियों तथा उच्च पदस्त अधिकारियों का वर्ग अपनी व्यापारिक व व्यावसायिक सफलता वैयक्तिक लाभ को कानून अथवा नैतिक नियमों के अनुपालन की अपेक्षा जितना ही अधिक महत्वपूर्ण समझेगा उनमें सफेद पोश अपराध करने की मनोवृत्ति उतनी ही अधिक होगी । 

7. व्यापार वाणिज्य तथा उद्योग नियंत्रक कानून जितने ही अधिक उदारवादी नमनीय शिथिल , निष्क्रिय एवं दोषपूर्ण होंगे , सफेद पोश अपराध उतने ही अधिक बढ़ेगे । 

8. बड़े - बड़े उद्योग पतियों , व्यापारियों व्यवसायियों एवं अधिकारियों का राजनीतिक तंत्र पुलिस तन्त्र तथा न्यायालयीन से जितना ही अधिक निकटस्थ संबंध होगा उनमें सफेद पोश अपराध करने की उन्मेषिता उतनी ही अधिक होगी । 

9. सामान्य जनता में सफेद पोश अपराधियों के प्रति सम्मान प्रदान करने की जितनी ही अधिक मनोवृत्ति होगी समाज में सफेद पोश अपराध उतने ही अधिक होगें । 

10. सामान्य जनता सफेद पोश अपराधियों के काले कारनामों से जितना अधिक परकीकृत होगी समाज में ऐसे अपराधियों की संख्या उतनी ही अधिक बढ़ेगी । 

11. कोई समाज जितना ही अधिक विघटित होगा सफेद पोश अपराध उसमें उतने ही अधिक होगे । 

 श्वेतवसन अपराध क्या है ? अपराध एवं भवेतवसन अपराध में अन्तर स्पष्ट करो ।

 अपराध एवं भवेतसन अपराध में अन्तर-

1. श्वेतवसन अपराध का सम्बन्ध समाज के उच्च और प्रतिष्ठित वर्ग से है , जबकि अपराध उच्च या निम्न किसी भी वर्ग के सदस्य द्वारा किया जा सकता है । 

2. श्वेतवसन अपराध आर्थिक प्रकृति के होते है , ऐसे अपराधों का मुख्य उद्देश्य धन एवं भौतिक सुख साधन कमाना होता है , जबकि अपराध आर्थिक सामाजिक राजनीतिक , मनोवैज्ञानिक और कई अन्य कारणों से किये जा सकते है 

3. श्वेत वसन अपराध में अपराधी प्रत्यक्ष रूप से अपराध से जुड़ा हुआ नहीं होता जबकि अपराध में व्यक्तिका अपराधी क्रिया से सीधा सम्बन्ध होता है । 

4. अपराध की अपेक्षा श्वेतवसन अपराध नियोजित एवं संगठित तरीके से किये जाते है । 

5. अपराधी को पकड़ना एवं दण्ड देना सरल है , जब कि श्वेतवसन अपराधी के प्रभावशाली प्रतिष्ठित एवं सम्पन्न होने क कारण उसे पकड़ना एवं दण्ड देना कठिन है । उनका सुधार किया जाता है । 

 कालाधन एवं मुद्रीकरण पर टिप्पणी लिखिये ।

 कालाधन एवं विमुद्रीकरण समाज में अपराध व्यक्ति विशेष से नहीं होता है व्यक्ति चाहे धनी हो या निर्धन , उच्च वर्गीय या मध्य वर्गीय हो जब वह देश के कानूनों व सामान्य के प्रतिमानों का उल्लंघन करता है वह भी अप्रत्यक्ष तौर वह वह तो वह श्वतेवसन अपराधों की श्रेणी में रखा जाता है । समाज में लोगों के पास पाया जाने वाला वह धन जो अघोषित होता है , कालाधन कहा जाता है ।

अपराध और आर्थिक कारण एक दूसरे के पूरक हैं

 यह आर्थिक प्रकृति का श्वेतवसन अपराध होता है । कालाधन वह सम्पत्ति है , जिसमें व्यक्ति छुपाकर अपने सुख - सुविधाओं में वृद्धि करता है तथा जिसके जानकारी सरकार को नहीं हो पाती है । हमारे देश में ही अरबों की सम्पत्ति देश व विदेश में काला धन के रूप में जमा है । वर्तमान भारत सरकार के द्वारा 8 एवं 9 नवम्बर के मध्य रात्रि 12 बजे के काला धन निकलने के अर्थ व्यवस्था के अन्तिम स्तम्भ ' विमुद्रीकरण के अपनाते हुए देश में चल रहे 500 एवं 1000 नोट को अवैध घोषित कर दिया गया इसी के परिणाम स्वस्थ देश के अन्दर से ही सरकार की अपेक्षा के कही आगे काला धन उजागर हुआ तो दूसरी तरफ देश व समानान्तर देशों में चल रहे जाली नोट , तस्करी व आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश कुछ हद तक लगाया जा सके । आज भी सरकार द्वारा काल धन रोकने के लिये तरह - तरह क कराधान नियम लागू किये जा रहे है । यह कहा जा सकता कि काला धन के समाप्त करने का सबसे प्रभावपूर्ण उपाय विमुद्रीकरण है ।

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