स्विट्जरलैण्ड के संविधान की प्रमुख विशेषताएँ | Switzerland Ki Sanvidhan Ki Visheshtaen

स्विट्जरलैंड के संविधान की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए
स्विट्जरलैंड के प्रत्यक्ष प्रजातंत्र की विशेषताएं बताइए


 स्विटरजर लैण्ड विश्व की सबसे प्रमुख राजनीतिक प्रयोगशाला है और उसका संविधान निश्चित रूप से बहुत अधिक मौलिक तथा विलक्षण है ।

 निर्मित , लिखित और अपेक्षाकृत व्यापक संविधान _स्विस संविधान लिखित और निर्मित है । इसका प्रारूप 1848 में 14 सदस्यों के एक आयोग द्वारा तैयार किया गया था । इस प्रारूप में 1478 में व्यापक परिवर्तन किये गये । यद्यपि स्विस संविधान में कुछ परम्पराएं हैं जिसका निरन्तर विकास हुआ । स्विस संविधान में 123 धाराएं और 3 अध्याय हैं । 

1 : टिप्पणी कीजिए- स्विस संविधान की प्रमुख विशेषताएं ।

स्विस संविधान का महत्व 

 स्विट्जरलैण्ड के संविधान की विशेषताएँ 

Switzerland Ka sanvidhan

कठोर संविधान-

 स्विस संविधान एक कठोर संविधान है अर्थात संविधान संशोधन के लिए या कानून के निर्माण की प्रक्रिया से भिन्न एक प्रक्रिया को अपनाना होता है । स्विस संविधान में लगभग 150 वर्षों में 57 संशोधन हो चुके हैं जबकि अमेरिकी संविधान में 200 वर्षों में 27 ही संशोधन हुए हैं अर्थात अमेरिकी संविधान स्विस संविधान से कठोर है ।

 प्राचीनतम गणराज्य- 

स्विट्जर लैण्ड का गणराज्य विश्व का सबसे लोकतन्त्रात्मक गणराज्य पुराना है । यूरोप और एशिया के सभी देशों में निरंकुश राजाओं का शासन था , उस समय भी स्विटजरलैण्ड के समस्त कैण्टनों में लोकतन्त्रात्मक गणराज्य स्थापित था और वहां की जनता को पर्याप्त अधिकार प्राप्त थे । रेपार्ड का कहना है कि " स्विटजरलैण्ड युगों से गणतन्त्र रहा है ।  

प्रत्यक्ष लोकतन्त्र और उसके साधन- 

स्विस संविधान के द्वारा लोकतन्त्रात्मक शासन व्यवस्था को सर्वाधिक श्रेष्ठ रूप में अपनाया गया है । स्विटजरलैण्ड में एक पूर्ण कैण्टन ( ग्लेरस ) और चार अर्द्ध कैण्टनों ( ओववाल्डेन , विडवाल्डेन , इनर अपने जेल और आउटर अपेन जे ) में प्रत्यक्ष लोकतन्त्रात्मक शासन व्यवस्था विद्यमान है ।

 संघात्मक शासन व्यवस्था-

 स्विटजरलैण्ड एक संघ राज्य है । स्विस संविधान में संघात्मक शासन के सभी प्रमुख लक्षणों- लिखित और कठोर संविधान , संविधान द्वारा केन्द्र और इकाइयों में शक्तियों का विभाजन , संघीय न्यायपालिका , राज्यों नागरिकता और संघीय व्यवस्थापिका के द्वितीय सदन में सभी इकाइयों के समान प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की गई है । स्विस संघ में 19 पूर्ण कैण्टन तथा 6 अर्द्धकैण्टन अर्थात् 22 कैण्टन या राज्य है । पूर्ण कैण्टन को राज्यसभा में 2 प्रतिनिधि और अर्द्धकैण्टन को प्रतिनिधि भेजने का अधिकार है । 

उदारवादी दर्शन पर आधारित संविधान- 

स्विस संविधान पर उदारवादी दर्शन का ही प्रभाव है कि जीवन के सभी क्षेत्रों में नागरिकों को अधिकतम सम्भव सीमा तक स्वतन्त्रता प्राप्त है and state interference should be minimal अर्थात व्यक्तिवादी दर्शन पर आधारित है ।

 संसदात्मक और अध्यक्षात्मक शासन व्यवस्थाओं का समन्वय-

 स्विटरलैण्ड की शासन व्यवस्था न तो पूर्णतया संसदात्मक सिद्धान्त के अनुकूल है और न ही अध्यक्षात्मक सिद्धान्तों के स्विटजरलैण्ड में व्यवस्थापिका ( संघीय सभा ) और कार्यपालिका ( संघीय परिषद ) परस्पर सम्बन्धित हैं । स्विस संविधान द्वारा संसदात्मक और अध्यक्षात्मक दोनों ही प्रकार की शासन व्यवस्थाओं के मूल गुणों को ग्रहण कर एक नयी शासन व्यवस्था को जन्म दिया गया है । 

बहुल कार्यपालिका- 

स्विस में कार्यपालिका शक्ति 7 सदस्यों की एक संघीय परिषद को प्रदान की गयी है और संघीय परिषद के न सातों सदस्यों की शक्तियों बिल्कुल समान है । इसी धार पर बहुल कार्यपालिका कहा जाता है । स्विटजरलैण्ड में यह बहुल कार्यपालिका सफलता के साथ कार्य कर रही है ।

 औपचारिक अधिकार पत्र का अभाव , किन्तु अधिकारों की व्यवस्था-

 स्विस संविधान में अधिकार पत्र ( औपचारिक ) का अभाव है परन्तु स्विटजरलैण्ड के नागरिकों को पर्याप्त अधिकार प्राप्त है । संविधान में लगभग 25 धाराओं में नागरिकों के विभिन्न अधिकारों का उल्लेख है तथा व्यवहार में नागरिकों के द्वारा बहुत मात्रा में अधिकार और स्वतन्त्रता का उपयोग किया जाता है ।

धर्म निरपेक्ष राज्य - 

स्विस संविधान के द्वारा एक धर्म निरपेक्ष राज्य की स्थापना की गयी है । धारा - 49-50 सभी नागरिकों को धर्म पूजा की स्वतन्त्रता प्रदान करती है । 

बहुभाषी राज्य- 

स्विटजरलैण्ड में लगभग 74 : जर्मन , 20 : फ्रेन्च और 5 : इटालियन भाषा भाषी हैं । इस प्रकार स्विटजरलैण्ड बहु - भाषाभाषी राज्य है । प्रशासनिक कानूनों पर आधारित न्यायपालिका स्विटजरलैण्ड में प्रशासनिक कानूनों की व्यवस्था को अपनाया गया है । जिसके अन्तर्गत जनसाधारण प्रथा प्रशासकीय कर्मचारियों के लिए पृथक - पृथक न्यायालय होते हैं । प्रशासनिक कानून और न्यायालयों की व्यवस्था नागरिक अधिकारों की एवं स्वतन्त्रताओं की रक्षा अधिक अच्छे प्रकार से की है । 

 2 : स्विट्जरलैण्ड की बहुल कार्यपालिका की संरचना एवं शक्तियाँ का विवेचन कीजिए । 

 स्विट्जर लैण्ड की संघीय व्यवस्था की विवेचना कीजिये ?

 स्विट्जरलैण्ड की कार्यपालिका का स्वरूप बहुल है अर्थात् वहाँ कार्यपालिकीय शक्ति किसी एक व्यक्ति में नही अपितु सात सदस्यों की एक परिषद में निहित है । उसे संघीय परिषद् ( Plural Executive ) या मिश्रित कार्यपालिका Commission ( Type Executive ) कहते हैं ।

 निर्वाचन 

संघीय सभा के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में संघीय परिषद के सभी सात सदस्यों का निर्वाचन होता है । निर्वाचन करते समय व्यवहारिक दृष्टि से इस बात का ध्यान रखा जाता है कि सभी दलों , सभी भाषाओं , सभी प्रमुख धर्मों तथा सभी प्रमुख कैण्टनों को समुचित प्रतिनिधित्व प्राप्त हो । 

योग्यताएँ - 

संविधान द्वारा निर्धारित योग्यताओं के अनुसार वे सभी स्विस नागरिक संघीय परिषद् की सदस्यता के लिए चुनाव लड़ सकते हैं जो राष्ट्रीय परिषद् की सदस्यता के योग्य हों । संघीय न्यायाधिकरण तथा संघीय सेवा में कार्यरत कर्मचारी चुनाव नहीं लड़ सकते । साधारणतः संघीय सरकार के सदस्य संघीय संसद के सदस्यों में से ही निर्वाचित किये जाते हैं निर्वाचित होते ही वे संघीय संसद की सदस्यता से त्यागपत्र दे देते हैं । संघीय सरकार के सदस्य न तो कैण्टन के अधीन कोई पद धारण कर सकते हैं और न ही उन्हें किसी प्रकार की व्यवसाय करने की आज्ञा हैं । -

 Tenure The term of the federal government has been fixed for 4 years, but at the same time it depends on the term of the House of Representatives.यदि इस अवधि के पूर्व स्विट्जरलैण्ड की संघीय संसद भंग हो जाय तो नवीन निर्वाचन के बाद संघीय संसद के दोनों सदन अपने संयुक्त अधिवेशन में नई संघीय सरकार चनते हैं । If any seat in the Union Government becomes vacant before a period of 4 years by reason of death, resignation or any other reason, संघीय संसद अपने अधिवेशन में शेष अवधि के लिए किसी नए व्यक्ति का चुनाव करती है ?

 Salary Privileges and Immunities -

The salaries of the members of the federal government are determined by the federal parliament. । 55 वर्ष या इससे अधिक आयु प्राप्त व्यक्तियों को यदि वे 10 वर्ष तक परिषद के सदस्य रह चुके हैं तो उन्हें निवृत्ति वेतन दिया जाता है । जो वेतन का 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच होता है । संघीय सरकार के सदस्यों का यह वेतन अन्य देशों के मंत्रियों से बहुत कम है । संघीय सरकार के सदस्यों के लगभग वे ही विशेषाधिकार और उन्मुक्तियाँ प्राप्त हैं जो संघीय संसद के सदस्यों को प्राप्त होती हैं । अपने कार्यकाल में संघीय संसद के सभी सदस्य सैनिक सेवा से मुक्त होते हैं और उनके विरुद्ध कोई मुकदमा नही चलाया जा सकता है । यदि संघीय सरकार के सदस्य अपनी ही इच्छा से अपना यह विशेषाधिकार समाप्त कर दें ,So criminal charges can be brought against them. 

 Speaker and Deputy Speaker - Both the Houses of the Union Parliament in their joint sitting, one from amongst the members of the Federal Government and एक उपाध्यक्ष का एक वर्ष के लिए चुनाव करते हैं । संघीय सरकार का अध्यक्ष ही स्विस राष्ट्रमण्डल का राष्ट्रपति कहलाता है । वह लगातार दो वर्ष के लिए अध्यक्ष नही चुना जा सकता है , यद्यपि वह एक से अधिक बार अध्यक्ष चुना जा सकता है । अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के चुनाव में ' ज्येष्ठता का नियम ' का ध्यान रखा जाता है और चेष्टा यह की जाती है कि क्रम - क्रम से सभी सदस्यों को अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष का पद प्राप्त हो जाय । यह भी परम्परा स्थापित हो गई है कि उपाध्यक्ष अन्य सदस्यों की भांति ही एक विभाग का प्रमुख होता है और अध्यक्ष की अनुपस्थिति में अध्यक्ष या राष्ट्रपति पद पर कार्य करता हैं । अध्यक्ष को अगले उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित नहीं किया जा सकता । 

 3 : स्विस संघीय संसद का गठन एवं कार्य 

स्विस संघीय संसद एक शक्तिशाली विधानमण्डल है और कार्यपालिका तथा संघीय न्यायाधिकरण को इसके अ तीन किया गया है । परन्तु संघीय संसद ब्रिटिश संस की भांति सम्प्रभुत्व सम्पन्न संस्था नहीं है । 1948 में निर्मित संविधान में संघीय व्यवस्थापिका को संघीय सभा का नाम दिया गया । अब नवीन संविधान के अन्तर्गत संघीय व्यवस्थापिका को संघीय संसद नाम दिया गया तथा इसे दो सदनों प्रतिनिधि सभा तथा सीनेट में बाटा गया । प्रतिनिधि सभा निम्न सदन है और सीनेट उच्च सदन ।

 प्रतिनिधि सभा ( House of Representatines ) :

 संविधान के अनुसार प्रतिनिधि सभा के सदस्यों की संख्या 200 होगी । प्रत्येक कैप्टन एक निर्वाचकीय जिला होगा तथा प्रत्येक कैण्टन के द्वारा अपनी जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधि , प्रतिनिधि सभा में भेजे जाएंगे । प्रतिचार वर्ष के पश्चात् प्रतिनिधि सभा के नवीन चुनाव होंगे । सीनेट की सदस्या संख्या 46 होगी । स्विस परिसंघ के ' अर्द्धकैण्टनों ' में से प्रत्येक सीनेट के लिए अपना एक प्रतिनिधि भेजेगा तथा शेष 20 पूर्ण कैण्टनों में से प्रत्येक के द्वारा अपने -2 प्रतिनिधि सीनेट के लिए भेजे जाएंगे । सीनेट सदस्यों के चुनाव का समस्त नियमन कैण्टनों द्वारा किया जाएगा । 

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद -

 प्रत्येक सदन अपने सदस्यों में से एक वर्ष की अवधि के लिए अध्यक्ष , प्रथम उपाध्यक्ष और द्वितीय उपाध्यक्ष का चुनाव करेगा तथा एक वर्ष की अवधि के उपरान्त उन्हें तत्काल ही दूसरे वर्ष के लिए नहीं चुना जा सकेगा । इस सम्बन्ध में स्वीट्जरलैण्ड में यह परम्परा चली आ रही है कि एक वर्ष जिस कैण्टन का सदस्य अध्यक्ष रह चुका है , दूसरे वर्ष उसी कैण्टन का सदस्य अध्यक्ष नहीं चुना जा सकता । यह परम्परा भी स्थापित हो गई कि गत वर्ष के उपाध यक्ष को अगले वर्ष अध्यक्ष बना दिया जाता है । अध्यक्ष सदन की अध्यक्षता करता है तथा उसे निर्णायक मत देने का अधिकार होता हैं ।

 अधिवेशन और विशेष अधिवेशन- 

सदन के अधिवेशन नियमित रुप से होंगे तथा कानून अधिवेशन बुलाने से सम्बन्धित समस्त व्यवस्था निर्धारित करेंगे । सम्बन्धित सदन के । ये सदस्य या संघीय सरकार आग्रह कर सकती है कि सदन के विशेष अधिवेशन बुलाए जाएं ।

 सदनों के पृथक - पृथक बैठक और संयुक्त बैठक -

 सामान्यतया प्रतिनिधि सभा और सीनेट की पृथक -2 बैठकें होंगी । कोई भी विषय दोनों सदनों से पारित होने पर ही उसे संघीय संसद का निर्णय कहा जाएगा ।

संयुक्त बैठक- 

संविधान के अनुच्छेद 157 में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की व्यवस्था की गई है । दोनों सदनों की पृथक - पृथक संयुक्त बैठकें सार्वजनिक रुप से होंगी , कानून के आधार पर किसी विषय पर विचार हेतु , गुप्त बैठक की व्यवस्था की जा सकती है । 

गणपूर्ति और निर्णय प्रक्रिया-

 गणपूर्ति के लिए सदन के बहुमत सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक होगी । दोनों सदनों की पृथक -2 बैठकों में और दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में निम्न विषयों पर निर्णय लेने के लिए दोनों सदनों का अलग - अलग बहुमत आवश्यक होगा । 

1. किन्हीं संघीय कानूनों को अत्यावश्यक घोषित करने हेतु ।

 2. एक मुश्त 20 मिलियन फ्रँक के खर्च की स्वीकृति देने हेतु या दो मिलियन स्विस फ्रँक से अधिक आवर्तक व्यय की स्वीकृत हेतु । 

3. अनुच्छेद 126 ( 3 ) के अधीन विशेष भुगतान आवश्यकता की दृष्टि में रखते हुए समस्त व्यय में वृद्धि हेतु ।

 संसदीय आयोग , संसदीय वर्ग और संसदीय सेवाओं की व्यवस्था : -

 संसद अपना कार्य सुचारु से कर सके , इसके लिए अनुच्छेद 153 में संसदीय आयोग , अनु 0 154 में संसदीय वर्ग और अनु 0 155 में संसदीय सेवाओं की व्यवस्था की गई है । संघीय संसद की कार्यप्रणाली की विशेष बात यह है कि संघीय संसद की कार्यवाही का प्रत्येक प्रलेख जर्मन , फ्रेंच , इटैलियन और रोमांच चारों ही भाषाओं में प्रकाशित किया जाता है ।

संघीय संसद की शक्तियां व कार्यः - देखे आगे के प्रश्न

4 : स्विस संघीय सभा की शक्तिया 

स्विस संघीय सभा को संघीय व्यवस्थापिका का नाम दिया गया है । इसके दो सदन हैं- राष्ट्रीय परिषद ( राष्ट्रीय सभा ) और राज्य परिषद ( राज्य सभा ) कहा जाता है । राष्ट्रीय परिषद निम्न सदन है और राज्य परिषद उच्च सदन । राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों की संख्या संविधान के अनुसार 200 हो सकती है । वर्तमान व्यवस्था के अन्तर्गत 12000 या उससे अधिक जनसंख्या को भी अपना एक प्रतिनिधि भेजने का अधिकार है । 

शक्तियां और कार्य- 

स्विस संघीय सभा के दोनों सदनों- राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद को विधायी , प्रशासनिक तथा वित्तीय सभी क्षेत्रों में समान शक्तियां प्रदान है । अनु ० 84 में " राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद दोनों उन सभी कार्यों को सम्पन्न करेंगी जो कि वर्तमान संविधान द्वारा संघीय अधिकार क्षेत्र में रखे गये हैं और जो अन्य किसी अधिकारी को नहीं सौंपे गये हैं । 

विधायी शक्तियां-

 संघीय सभा मूलतः एक विधायी सभा है और इसका प्रमुख कार्य कानून निर्माण है । संविधान द्वारा संघीय अधिकार क्षेत्र में रखे गये सभी विषयों पर इसे कानून निर्माण की शक्ति प्राप्त है । इसे संघीय अधिकारियों के गठन , तथा उनके निर्वाचन पद्धति सम्बन्धित कानून निर्माण के लिए भेजा जाता है । संघीय सभा की संविधान संशोधन की शक्ति पर लोक निर्णय के साथ - साथ आरम्भक का नियन्त्रण भी है । यदि 50,000 स्विस नागरिक संविधान में संशोधन का प्रस्ताव करते हैं , तो संघीय सभा को उस पर विचार करना होगा । 

नियुक्ति सम्बन्धी शक्ति-

 संघीय सभा को नियुक्तियों के सम्बन्ध में व्यापक शक्ति प्राप्त है । संविधान के अनुसार उसे संघीय परिषद व संघीय न्यायालय के सदस्यों , संघ के चांसलर व संकट काल में मुख्य सेनाध्यक्ष को चुनने का अधिकार है । वह संघीय बीमा न्यायालय के सदस्यों का निर्वाचन करती है । संविधान के अनुसार मुख्य पदों पर नियुक्तियां संघीय समा के दोनों सदन अपने संयुक्त अधिवेशन में करते हैं । 

Financial Power - 

The most important power of the Federal Assembly is related to the approval of the budget.  It is the job of the Federal Assembly to approve the budget that the Federal Council makes. । बजट के सम्बन्ध में इसकी स्वीकृति अंतिम होती है । संघीय प्राधिकारियों के वेतन तथा भत्ते निर्धारित करना तथा संघीय शासन के स्थायी पदों का निर्माण तथा उसके वेतन आदि निर्धारण करना भी संघीय सभा का कार्य है । 

कार्यपालिका शक्ति- 

संघीय सभा अपनी कार्यपालिका शक्ति के अन्तर्गत ही उसके द्वारा संघीय परिषद , संघीय न्यायालय , संघीय बीमा न्यायालय तथा अन्य कुछ संस्थाओं से सम्बन्धित पदाधिकारियों का चयन किया जाता है । संघीय सभा को विदेशों से संधिया तथा समझौते करने का अधिकार है । बाहरी आक्रमण और हस्तक्षेप से स्विस की स्वतन्त्रता व तटस्थता की रक्षा के लिए उचित प्रबन्ध करना , युद्ध की घोषणा करना व शान्ति - संधि करना वैदेशिक क्षेत्र में संघीय के प्रमुख कार्य है । संघीय सभा संघीय परिषद पर नियंत्रण रखने का कार्य करती है ।

 कैण्टनों से सम्बन्धित शक्ति-

 संघीय सभा को कैण्टनों के संविधान और उनके संशोधनों की उचित जांच कर उन्हें स्वीकार करे । संघीय सभा के अनुमोदन पर कैण्टन विदेशों से संधिया करते हैं । आन्तरिक शांति बनाये रखना और उसके लिए यदि आवश्यक हो तो संघीय सेना का प्रयोग करना भी संविधान अनुसार संघीय सभा का कार्य हैं । 

न्यायिक शक्ति- 

मूल संविधान के द्वारा संघीय सभा को महत्वपूर्ण न्यायिक शक्तियों प्रदान की गयी थी , किन्तु अब संघीय न्यायालय की शक्ति बढ़ाये जाने के साथ - साथ संघीय सभा का न्यायिक कार्य कम हो गया है । संघीय सभा अपने द्वारा नियुक्त अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही भी कर सकती है । संघीय सभा संघ के न्याय विभाग के अधिकारियों द्वारा दण्डित व्यक्तियों व मृत्युदण्ड पाये हुए व्यक्तियों को क्षमादान दे सकती है । 

 5 : स्विस संघीय परिषद की शक्तियां ।

 स्विट्जरलैण्ड की बहुल कार्यपालिका की संरचना एवं शक्तियां

संघीय सभा मुख्यतः एक प्रशासनिक संस्था है और संविधान की धारा 95 के अनुसार स्विस राज्यमण्डल की सर्वोच्च निर्देशन और कार्यपालिका शक्ति निहित है । प्रशासनिक शक्तियों के अतिरिक्त संघीय परिषद को कुछ महत्वपूर्ण विधायी , वित्तीय और न्यायिक शक्तियां भी प्राप्त हैं । 

कार्यपालिका शक्तियां-

 संघीय परिषद स्विस राज्यमण्डल की सर्वोच्च कार्यपालिका सत्ता है और इस क्षेत्र में उसकी शक्तियां निश्चित रूप में बहुत अधिक व्यापक हैं 

( 1 ) परिषद संघीय विधियों और आदेशों के अनुसार संविधान के उपबन्धों , संघीय सभा द्वारा निर्मित विधियों , अ यादेशों , संधियों और संघीय न्यायाधिकरण के निर्णय को कार्यरूप प्रदान करने का कार्य संघीय परिषद पर ही होता है । 

( 2 ) संघीय परिषद को उन पदों पर नियुक्ति का अधिकार प्राप्त है जिन पर नियुक्ति की शक्ति संघीय सभा , संघीय न्यायालय या अन्य किसी संघीय प्राधिकार को प्रदान नहीं की गयी है । 

( 3 ) बाहरी आक्रमण से स्विटजरलैण्ड की स्वतन्त्रता और तटस्थता की रक्षा और आन्तरिक क्षेत्र में शान्ति और व्यवस्था बनाये रखना संघीय परिषद का दायित्व है । 

( 4 ) संघीय परिषद को संघीय सेना पर नियन्त्रण की शक्ति प्राप्त है । 

( 5 ) संघीय परिषद को कैण्टनों के वित्तीय सैनिक तथा प्रशासनिक कार्यों के निरीक्षण का कार्य करती है । 

विधायी शक्तियां- 

संघीय परिषद को विधायी क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण स्थिति प्राप्त है । ये स्वेच्छा से विधानमण्डल के सम्मुख विधेयक प्रस्तुत कर सकती है । परिषद को संविधान संशोधन सम्बन्धी विधेयक प्रस्तावित करने का भी अधिकार है ।

The members of the Federal Council can also propose on any matter that a public decision be made on it. । संघीय परिषद के महत्वपूर्ण विधायी कृत्यों को ध्यान में रखते हुए रैपार्ड ने लिखा है कि " वस्तुतः और संवैधानिक धारणा के नितान्त विपरीत परिषद कार्यपालिका और प्रशासनिक कार्यों के साथ - साथ महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी करती है ।

 वित्तीय शक्तियां- 

वित्तीय क्षेत्र में संघीय परिषद को स्विस संघ के वित्तीय प्रशासन का संचालन , संघीय बजट तैयार करना , उनको संघीय सभा के सामने स्वीकृति के लिए रखना , संघीय सरकार के आय और व्यय का हिसाब संघीय सभा को देना , राजस्व तथा अन्य कर एकत्रित करना और सभा द्वारा स्वीकृत व्यय की निगरानी रखना आदि महत्वपूर्ण कार्य करती है । 

न्यायिक शक्तियां - ( 1 ) 

यह संघीय सरकार के विभिन्न विभागों , जिनमें रेलवे प्रशासन भी सम्मिलित है , के निर्णयों के विरूद्ध निजी व्यक्तियों की अपीलें खुलती हैं । ( 2 ) यदि कैण्टनों में धार्मिक आधार पर भेदभाव हो तो यह कैण्टनों के निर्णयों के विरुद्ध अपीलें सुनती है । ( 3 ) इसे कैण्टनों की व्यापार सम्बन्धी संधियों के आधार पर पैदा होने वाले झगड़े तथा संविधान में की गयी अपील पर निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है ।

 संकटकालीन शक्तियां-

 संविधान ने संघीय परिषद को कोई संकटकालीन शक्तियां नहीं प्रदान की हैं , किन्तु व्यवहार में , उसके द्वारा वे शक्तियां प्राप्त कर ली गयी हैं । जब कभी देश में आन्तरिक तथा बाहरी परिस्थितियों के कारण संकट काल उत्पन्न हुआ , तो संघीय सभा ने परिषद को पूर्ण अधिकार दे दिया । संकट काल में संघीय परिषद अत्यधिक शक्तिशाली हो जाती है और उसके द्वारा बहुत कुछ सीमा तक अपने ही विवेक के अनुसार कार्य किया जा सकता । 1 Thus the Federal Council has got very important powers. लावेल के कथनानुसार " संघीय परिषद को राष्ट्रीय सरकार रूपी घड़ी की बड़ी कमानी कहा जा सकता है । और यह निश्चित रूप में राष्ट्रीय शासन का सन्तुलन चक्र है ।

 6: स्विटजरलैंड में प्रत्यक्ष लोकतंत्र की सफलता के कारणों का वर्णन कीजिए।

 प्रत्यक्ष प्रजातंत्र स्विस शासन व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता है और इसकी सफलता का श्रेय इस देश की विशिष्ट परिस्थितियों को ही है । स्विटजरलैण्ड में प्रत्यक्ष प्रजातंत्र की सफलता के कारणों का अध्ययन निम्न रूपों में किया जा सकता है 

1. भौगोलिक स्थिति - स्विट्जरलैण्ड की भौगोलिक स्थिति लगभग वैसी है जैसी प्राचीन काल में रोम और यूनान के नगर राज्यों की थी और यह प्रत्यक्ष प्रजातंत्र की सफलता के लिए नितान्त अनुकूल है । 

 2. स्विस नागरिकों का चरित्र - स्विस नागरिकों का चरित्र ही वह तत्व हैं जिसने प्रजातंत्र की सफलता में सर्वाधिक योग दिया है । ये लोग बड़े शान्तिप्रिय हैं और एक दूसरे के विच का सम्मान करते हैं । इनमें सूझ - बूझ , विनम्रता तथा सहिष्णुता कूट - कूट कर भरी है । ये लोग राजनीति को एक गम्भीर विषय मानते हैं और बिना किसी आदेश तथा स्वार्थ के इसका संचालन करते हैं । 

3. उग्र दलबन्दी का अभाव - स्विट्जरलैण्ड में राजनीतिक दल तो हैं लेकिन दलबन्दी की भावना उग्र न होने के कारण स्विट्जरलैण्ड राजनीतिक दलों की अनेक बुराइयों से अछूता है , " जो अन्य देशों में विद्यमान है । बहुदलीय और बहुत कार्यपालिका के कारण बहुत अधिक महत्वाकांक्षी व्यक्ति स्विस राजनीति में प्रवेश नहीं करते और स्विस राजनीति शान्त , स्वस्थ और भ्रष्टाचार रहित है । 

4. शिक्षा का व्यापक प्रचार - प्रत्यक्ष प्रजातंत्र की - सफलता का एक कारण यह है कि स्विट्जरलैण्ड की लगभग समस्त जनता शिक्षित है । स्विट्जरलैण्ड के लगभग सभी कैण्टनों में बिना शुल्क के और अनिवार्य निःशुल्क प्रारम्भिक शिक्षा की व्यवस्था की गयी है । 

5. तीव्र आर्थिक असमानता का अभाव - स्विट्जरलैण्ड में आर्थिक असमानता अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है और स्विट्जरलैण्ड के अधिकतर लोग निम्न मध्यम वर्ग के हैं । बेकारी और दरिद्रता की भीषण समस्यायें वहां पर नहीं हैं और न ही जनता में आर्थिक स्थिति के प्रति असन्तोष और रोष है । इस आर्थिक पृष्ठिभूमि ने प्रत्यक्ष प्रजातंत्र को सफल बनाने में बहुत योगदान दिया है । 

5. तीव्र आर्थिक असमानता का अभाव - स्विट्जरलैण्ड में आर्थिक असमानता अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है और स्विट्जरलैण्ड के अधिकतर लोग निम्न मध्यम वर्ग के हैं । बेकारी और दरिद्रता की भीषण समस्यायें वहां पर नहीं हैं और न ही जनता में आर्थिक स्थिति के प्रति असन्तोष और रोष है । इस आर्थिक पृष्ठिभूमि ने प्रत्यक्ष प्रजातंत्र को सफल बनाने में बहुत योगदान दिया है । 

6. राष्ट्रीय एकता और देश प्रेम की प्रबल भावना - स्विट्जरलैण्ड में जातिगत , भाषागत और धर्मगत क्रियायें या विभिन्नताएं हैं । किन्तु श्रेष्ठ चरित्र और व्यवहारिकता के आधार पर इन विभिन्नताओं में सामन्जस्य स्थापित कर किया गया है । और राष्ट्रीय एकता की भावना बहुत अधिक प्रबल हो गई है , जिससे वे राष्ट्रीय हित के प्रश्नों पर बहुत अधिक अच्छे रूप में सोचने की स्थिति में हैं । देश भक्ति की भावना की प्रबलता के कारण वे स्वयं के स्वार्थ की तुलना में देशहित को अधिक महत्व देते हैं । 

7. स्थानीय स्वशासन की श्रेष्ठ व्यवस्था - स्थानीय स्वशासन प्रजातंत्र का आधार है और स्विट्जरलैण्ड में स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था जितने अधिक श्रेष्ठ रुप में विद्यमान है , उतनी अन्य किसी देश में नहीं है । स्थानीय स्वशासन की इस व्यवस्था ने स्विस नागरिकों को सार्वजनिक कार्यों का प्रशिक्षण प्रदान किया है और उनमें नागरिक दायित्व की भावना जागृत की है ।

 8. व्यवसायिक राजनीतिज्ञों का अभाव- स्विट्जरलैण्ड में ऐसे व्यवसायिक राजनीतिज्ञों का अभाव है जो राजनीति की व्यवसाय के रुप में अपनाते हैं और अपनी वाग्वीरता के आधार पर जन भावनाओं को उत्तेजित करके या षडयन्त्रों के आधार पर अनुचित लाभ उठाने की चेष्टा में लिप्त रहते हैं । स्विट्जरलैण्ड में सामान्यतः व्यक्ति सामाजिक सेवा और प्रतिष्ठा के लिए राजनीति में प्रवेश करते हैं । उनकी छल - प्रपंचों से दूर रहने की प्रवृत्ति के कारण लोकनिर्णय और आरम्भक की व्यवस्था का दुरुपयोग नहीं हुआ है । 

9. जनप्रभुता को बनाए रखने की तीव्र आकांक्षा - यदि स्विट्जरलैण्ड में आज भी जन - भावनाएं , लोकनिर्णय , और आरम्भक की व्यवस्था बनी हुई है तो इसका एक बहुत प्रमुख कारण जनता में इन्हें बनाए रखने की तीव्र आकांक्षा है । 

10. स्वतंत्र प्रेस - प्रजातंत्र की सफलता के लिए स्वतंत्र प्रेस नितान्त आवश्यक है और स्विट्जरलैण्ड में प्रेस निष्पक्ष है तथा इसने प्रजातंत्र को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है । 

 11. अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में स्थायी तटस्थता - स्विट्जरलैण्ड में प्रजातंत्र की सफलता का एक कारण अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में स्विट्जरलैण्ड की स्थायी और सर्वस्वीकृत तटस्थता है । इस कारण स्विट्जरलैण्ड 20 वीं शदी के उन दो संकटों से मुक्त रहा , जिनका सामना यूरोप के अन्य प्रजातांत्रिक राज्यों को करना पड़ा । स्विट्जरलैण्ड की स्थायी तटस्थता के कारण ही उसने अपने समस्त साधनों का प्रयोग आन्तरिक राजनीति , आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधारने में कर सका है । 

 7 : स्विटरलैण्ड के संविधान के आरम्भक तथा जनमत संग्रह को प्रावधान । 

 स्विटजरलैण्ड में प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र । 

 प्रत्यक्ष लोकतन्त्र- 20 वीं सदी में प्रत्यक्ष लोकतन्त्र को सामान्यता अतीत की शासन व्यवस्था माना जाता है , किन्तु स्विटजरलैण्ड के एक पूर्ण कैण्टन ( ग्लेररस ) और चार अर्द्ध कैण्टनों ( ओव निडवाल्डेन , इनर अपैन्जल , आउटर अपैन्जल ) में प्रत्यक्ष लोकतन्त्र प्रचलित है । इन कैण्टनों में कोई विधानमण्डल नहीं है और विधानमण्डल का कार्य लैण्डसजीमिण्ड या प्रारम्भिक सभा द्वारा किया जाता है । 

इन कैण्टनों में नागरिकों की वर्ष में एक बार या आवश्यकतानुसार इससे अधिक बार प्रारम्भिक सभायें होती हैं । जिसमें 20 वर्ष या इससे अधिक आयु वाले प्रत्येक स्त्री पुरुष को वाद - विवाद में भाग लेने और मत देने का अधिकार होता है । इस प्रारम्भिक सभा को स्विटजरलैण्ड में ' लैण्ड्सजीमिण्ड ' कहा जाता है । इस सभा में अगले वर्ष तक के लिए प्रशासनिक कार्य चलाने हेतु एक कार्यकारिणी परिषद का चुनाव किया जाता है जिसका प्रधान लैण्डसमैन कहा जाता है । यह कार्यकारिणी परिषद प्रारम्भिक सभा के सम्मुख गत वर्ष के प्रशासनिक कार्य की रिपोर्ट और आगामी वर्ष के लिए बजट प्रस्तुत करती है । सभा बजट पारित करती है । वह सभा कैण्टन के न्यायाधीशों और अन्य सरकारी अधिकारियों और राज्य परिषद के लिए प्रतिनिधि भी चुनती है । प्रारम्भिक सभा के द्वारा वे सभी अन्य कार्य भी किये जाते हैं जो अन्य कैण्टनों में विधानमण्डल करते हैं । 

एक पूर्ण कैन्टन और चार अर्द्ध कैण्टनों में अपनायी गयी इस व्यवस्था को लोकतन्त्र सर्वोत्तम रूप कहा जा सकता है , क्योंकि इसमें नागरिक प्रत्यक्ष रूप से शासन - व्यवस्था का संचालन करते हैं । लापड तथा हाब्सन के विचारानुसार " प्रभुसत्ता जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से प्रयोग की जाती है तथा सभी मतदाताओं द्वारा बनी हुई यह सभा उस लोकतन्त्र का श्रेष्ठ उदाहरण है जिसे रूसो तथा अन्य दार्शनिकों ने वास्तविक लोकतन्त्र कहा है ।

 " स्विस नागरिक मूलतः प्रत्यक्ष लोकतन्त्र के प्रशंसक और भक्त हैं तथा उनके द्वारा अपनी शासन व्यवस्था में प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र के उपकरणों ( लोक निर्णय और आरम्भक ) को अपनाकर शब्दों में नहीं , लेकिन भावना में प्रत्यक्ष लोकतन्त्र को अपना लिया गया है । इन पद्धतियों के कारण वास्तविक और अंतिम रूप में विधि निर्माण की अधिकारिणी समस्त स्विस जनता हो गयी है । सिगफ्रीड लिखते हैं कि लोकतन्त्र प्रत्यक्ष ही रहता है और अपनी शक्तियां सौंपते समय स्विस जनता उन्हें त्याग नहीं देती ।। वह लोकनिर्णय के द्वारा अंतिम शब्द और आरम्भक कि प्रक्रिया द्वारा शायद प्रथम शब्द कहने का अधिकार सदैव अपने पास ही रखती है ।

 8 स्विस संविधान में जनमत संग्रह पर टिप्पणी लिखिए ।

लोक निर्णय और आरम्भक

 लोक निर्णय या जनमत संग्रह- प्रत्येक कानून आवश्यक रूप से जनता की इच्छा की अभिव्यक्ति होनी चाहिए और इसलिए जनता को व्यवस्थापिका द्वारा पारित विधेयकों पर निषेधाधिकार प्राप्त होना चाहिए । लोक निर्णय का तात्पर्य है कि विधान मण्डल द्वारा पारित कोई विधेयक कानून का रूप ग्रहण नहीं कर सकता , जब तक कि जनता उसको स्वीकृति प्रदान न करे अर्थात यदि जनता विधेयक को अस्वीकृत कर दे तो उसे रद्द समझा जायेगा । लोक निर्णय के दो रूप होते हैं- अनिवार्य और एच्छिक

 अनिवार्य लोकनिर्णय अर्थात विधानमण्डल द्वारा पारित सब विधेयकों पर लोक निर्णय आवश्यक है और बिना जनता की स्वीकृति के वे विधेयक कानून का रूप ग्रहण नहीं कर सकते ।ऐच्छिक लोक निर्णय का तात्पर्य यह है कि संविधान द्वारा निर्धारित जनता की एक निश्चित संख्या निश्चित समय के भीतर , विधानसभा द्वारा पारित विधेयक पर लोक निर्णय की मांग करे , तभी वह उसके लिए प्रस्तुत किया जायेगा , अन्यथा नहीं । यदि जनता द्वारा इस प्रकार की मांग न की जाय तो विधेयक बिना लोक निर्णय के ही स्वीकृत समझ लिया जाता है । 

आरम्भक - लोक निर्णय जनता को कानूनों के सम्बन्ध में निषेधात्मक शक्ति प्रदान करता है और उसे इस सम्बन्ध में सकरात्मक शक्ति आरम्भक के द्वारा प्रदान की जाती है । आरम्भक के द्वारा जनता को अधिकार दिया जाता है कि वह किसी विधेयक का प्रारूप तैयार करे अथवा प्रस्ताव के आधार पर कानून निर्माण करे अथवा उस पर लोक निर्णय लिया जाय । आरम्भक दो प्रकार के होते हैं- सविन्यासित आरम्भक , अविन्यासित आरम्भक । सविन्यासित आरम्भक के अन्तर्गत जनता स्वयं ही विधानमण्डल के सम्मुख विधेयक का पूर्ण प्रारूप प्रस्तुत करती है और विधान मण्डल इस प्रारूप को बिना किसी संशोधन के जनता के सम्मुख अंतिम निर्णय हेतु प्रस्तुत करता है । 

saविन्यासित आरमाक के अन्तर्गत जनता विधानमण्डल के सम्मुख कुछ निश्चित सिद्धान्त रखती है । यदि विधान मण्डल इन सिद्धान्तों से सहमत होता है तो उसके आधार पर विधेयक निर्मित करता है और यदि विधानमण्डल इन सिद्धान्तों से असहमत हो , तो इन सिद्धान्तों को जनमत जानने के लिए प्रस्तुत किया जाता है । लोक निर्णय में जनता द्वारा इन सिद्धान्तों की स्वीकृत कर लिए जाने पर विधानमण्डल उनके आधार पर विधेयक का प्रारूप तैयार करता है और इस प्रारूप पर पुनः लोकनिर्णय लिया जाता है ।

  9 : स्विस संघीय न्यायालय या स्विटजरलैण्ड का संघीय न्यायाधिकरण पर टिप्पणी लिखिए ।

 स्विस संविधान के अनु 0 106 में कहा गया है कि " संघीय मामलों न्याय प्रशासन के लिए संघीय न्यायालय की स्थापना की जायेगी । " संविधान द्वारा संघीय न्यायाधिकरण के न्यायाधिशों की संख्या निश्चित नहीं की गयी है । वर्तमान समय में संघीय न्यायाधिकरण में 26 न्यायाधीश तथा 12 वैकल्पिक न्यायाधीश हैं । इन सभी न्यायाधीशों को संघीय सभा 6 वर्ष के लिए निर्वाचित करती है । न्यायाधीशों के पुनः निर्वाचन पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है । कोई आयु का प्रतिबन्ध नहीं है लेकिन व्यवहारतः जब वे 70 वर्ष के हो जाते हैं तो त्यागपत्र दे देते हैं । संघीय न्यायाधिकरण का एक प्रधान तथा एक उप प्रधान होता है । जिनका निर्वाचन संघीय सभा द्वारा 2 वर्ष की अवधि के लिए किया जाता है ।  

 संघीय न्यायाधिकरण  के  विभाग- संघीय न्यायाधिकरण के कार्य को तीन भागों में बांटा गया है 

( 1 ) संवैधानिक व प्रशासनिक न्यायालय 

( 2 ) दीवानी कानून न्यायालय 

( 3 ) फौजदारी अपील न्यायालय 

प्रत्येक विभाग में 3 से 9 तक न्यायाधीश होते हैं । इसके अतिरिक्त संघीय न्यायालय में एक उपविभाग फौजदारी न्यायालय तथा असाधारण अवरोध न्यायालय का होता है । Federal Tribunal Jurisdiction Federal tribunal hears civil, criminal, administrative and constitutional lawsuits । 

( 1 ) प्रारम्भिक अधिकार क्षेत्र - न्यायाधिकरण को निम्न प्रकार के विवादों में प्रारम्भिक अधिकार प्राप्त हैं 

( i ) दो स्विस राज्यमण्डल तथा कैण्टनों के बीच विवाद हो । 

( ii ) ऐसे विवाद जो विभिन्न कैण्टनों के बीच हो । 

( iii ) राष्ट्रीयता के खोये जाने से सम्बन्धित विवाद | 

( iv ) कैण्टनों या कम्यूनों की नागरिकता से सम्बन्धित विवाद । फौजदारी विवादों में प्रारम्भिक क्षेत्र प्राप्त हैं 

( i ) राज्यमण्ड के विरूद्ध देशद्रोह , संघीय अधिकारियों के विरुद्ध विद्रोह तथा अपराध । 

( ii ) अन्तर्राष्ट्रीय कानून के विरुद्ध अपराध । 

( iii ) जाली सिक्के बनाने से सम्बन्धित विवाद । 

( iv ) वे विवाद , जो उसके पास कैण्टनों द्वारा संघीय सभा की अनुमति से भेजे जाय । 

( 2 ) अपीलीय अधिकार क्षेत्र - संघीय सभा ने संघीय न्यायाधिकरण को उन विवादों में अपील सुनने का अधिकार प्रदान किया है जिन्हें कैण्टन के न्यायालय सुन चुके हैं और जो 4000 फ्रँक से अधिक राशि से सम्बन्धित हैं । 

( 3 ) प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र - संविधान की धारा 133 द्वारा संघीय न्यायाधिकरण को प्रशासनिक क्षेत्र में निम्न अधिकार दिये गये हैं 

( i ) प्रशासनिक महाभियोग से सम्बन्धित विवाद | 

( ii ) सरकारी कर्मचारियों की कानूनी क्षमता से सम्बन्धी विवाद | 

( iii ) रेल प्रशासन सम्बन्धी विवाद । 

( iv ) करारोपण सम्बन्धी प्रशासनिक विवाद । 

( 4 ) संवैधानिक अधिकार क्षेत्र -

( i ) संघीय अधिकारियों तथा कैण्टनों के अधिकारियों के मध्य उत्पन्न होने वाले क्षेत्राधिकार सम्बन्धी विवाद । 

( ii ) कैण्टनों के बीच सार्वजनिक विधि के सम्बन्ध में 

( iii ) नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन सम्बन्धी विवाद । 

( iv ) कैण्टन के निर्वाचन तथा धार्मिक स्वतन्त्रता सम्बन्धी विवाद ।

  10 : स्विटजरलैण्ड की न्यायिक व्यवस्था

स्विस संविधान के अनु 0 188 में कहा गया है कि संघीय सर्वोच्च न्यायालय की रचना संघीय संसद के द्वारा कानून के आधार पर निर्धारित की जाएगी । अतः संघीय सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या आदि बातें संघीय संसद द्वारा निश्चित की जाएंगी । संविधान में केवल यह कहा गया है कि संघीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को संघीय संसद द्वारा निर्वाचित किया जाएगा । 

स्विस न्यायालयों में नियमित न्यायाधीशों के साथ वैकल्पिक न्यायाधीश भी होते हैं । नियमित न्यायाधीशों द्वारा अपना कार्य करने में असमर्थ होने की स्थिति में उनके स्थान पर वैकल्पिक न्यायाधीश द्वारा कार्य किया जाता है । इन सभी न्यायाधीशों को संघीय संसद 6 वर्ष के लिए निर्वाचित करती है । न्यायाधीशों के पुनः निर्वाचन पर कोई प्रतिबन्ध नही है और परम्परा के अनुसार न्यायाधीश जब तक इस पद पर कार्य करना चाहे , पुननिर्वाचित होते रहते हैं । इस सम्बन्ध में कोई आयु सम्बन्धी प्रतिबन्ध तो नहीं है , 

लेकिन व्यवहार में न्यायाधीश उस वर्ष त्यागपत्र दे देते हैं जिस वर्ष उनकी आयु 70 वर्ष हो जाती है । इस पुननिर्वाचन के आधार पर न्यायाधीशों के निरन्तर नियुक्ति हेतु निर्वाचन की पद्धति को अपनाने से न्यायिक स्वतंत्रता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और वे राजनीतिक प्रभाव में कार्य करते हैं , लेकिन स्विटजरलैण्ड में पुननिर्वाचन की परम्परा अपनाए जाने के कारण यह शंका लगभग समाप्त हो गई है । 

संघीय सर्वोच्च न्यायालय का एक प्रधान तथा एक उपप्रधान होता है जिनका निर्वाचन संघीय संसद द्वारा दो वर्ष की अवधि के लिए किया जाता है । प्रधान या उपप्रधान पद पर तुरन्त ही दूसरी अवधि के लिए इनमें से किसी को निर्वाचित नहीं किया जा सकता । 

योग्यताएँ - संविधान में न्यायाधीशों की योग्यता के सम्बन्ध में कोई उल्लेख नहीं है । संविधान में केवल यह कहा गया है कि कोई भी स्विस नागरिक जो प्रतिनिधि सभा का सदस्य बनने की योग्यता रखता हो , संघीय न्यायालय का न्यायाधीश निर्वाचित हो सकता है , केवल यह प्रतिबन्ध है कि संघीय संसद के सदस्य या उनके द्वारा नियुक्त पदाधिकारी इन पदों पर निर्वाचित नहीं हो सकते । यद्यपि न्यायाधीश के पद के लिए कानूनी योग्यता निर्धारित की गई है , किन्तु व्यवहार में न्याय सम्बन्धी ज्ञान और अनुभव रखने वाले व्यक्ति ही इस पद पर निर्वाचित होते रहते हैं । एक विधि के अनुसार दो निकट सम्बन्धी न्यायालय के एक साथ सदस्य नहीं हो सकते है । एक परम्परा यह भी स्थापित हो गई है कि मुख्य राजनीतिक दलों एवं प्रोटेस्टेण्ट तथा कैथेलिक धर्म तथा तीन मुख्य भाषाओं के प्रतिनिधियों को न्यायालय में स्थान दिया जाता है । 

क्षेत्राधिकार - अनुच्छेद 189 में संघीय सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार का उल्लेख किया गया है । संघीय सर्वोच्च न्यायालय को निम्नलिखित के उल्लंघन पर क्षेत्राधिकार प्राप्त होगा 

1. संघीय कानून 

2. सार्वजनिक अन्तर्राष्ट्रीय कानून 

3. कैण्टनों के आपसी सम्बन्धों से सम्बन्धित कानून 

4. कैण्टनों के संवैधानिक अधिकार 

5. म्यूनिसपैलिटीज की स्वायत्तता और कैण्टनों द्वारा सार्वजनिक निगमनात्मक संस्थाओं को प्रदत्त गारण्टियां । 

6. संघीय और कैण्टनों के प्रावधान और राजनीतिक अधिकार । 

राजमण्डल और कैण्टनों के बीच विवाद : - राजमण्डल और कैण्टनों के बीच उत्पन्न होने वाले परस्पर सार्वजनिक कानून से सम्बन्धित विवाद । अनुच्छेद 189 के उपर्युक्त प्रावधान का आशय यह है कि अनु 0 189 में वर्णित उपर्युक्त 6 स्थितियों के सम्बन्ध में जो विवाद उत्पन्न होंगे , उन विवादों की सुनवाई संघीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ही की जाएगी । कानून के आधार पर संघीय सर्वोच्च न्यायालय को अन्य बातों के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकार प्रदान किया जा सकता है । 

लेकिन संघीय सर्वोच्च न्यायालय पर एक स्पष्ट प्रतिबन्ध है । संघीय संसद द्वारा निर्मित कानूनों और संघीय शासन के आदेशों को संघीय सर्वोच्च न्यायालय के सम्मुख चुनौती नहीं दी जा सकती । कानून के आधार पर इस स्थिति के अपवाद निश्चित किए जा सकते हैं । संघीय सर्वोच्च न्यायालय और अन्य न्यायिक सत्ताएँ संघीय कानून और अन्तर्राष्ट्रीय कानून के आधार पर अपने निर्णय देंगी । 

आंशिक न्यायिक पुनर्विलोकन की व्यवस्था - संवैधानिक अधिकार क्षेत्र में एक विशेष बात यह है कि अमेरीकी संघ के सर्वोच्च न्यायालय के समान स्विस संघीय सर्वोच्च न्यायालय को पूर्ण अर्थो में न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति प्राप्त नहीं है । वरन् उसे यह शक्ति आंशिक रूप से ही प्राप्त है । संघीय सर्वोच्च न्यायालय कैण्टनों की विधियों और कैण्टनों की सरकारों के कार्यों की इस आधार पर जांच कर सकता है कि वे संविधान के प्रतिकूल तो नहीं है और यदि वह उन्हें संविधान के प्रतिकूल समझे तो अवैध घोषित कर सकता है । 

But it does not have the power of judicial review in the Union Territory. अर्थात् वह संघीय संसद द्वारा निर्मित कानूनों को असंवैधानिक घोषित नहीं कर सकता । यह संविधान के अनुच्छेद 189 ( 4 ) से नितान्त स्पष्ट है , जिसमें कहा गया है कि " संघीय संसद द्वारा निर्मित कानूनों और संघीय शासन के आदेशों को संघीय सर्वोच्च न्यायालय के सम्मुख चुनौती नहीं दी जा सकती । कानून के आधार पर इस स्थिति के अपवाद निश्चित किए जा सकते हैं ।

  11 स्विस बहुल कार्य पालिका पर टिप्पणी कीजिए ।

सामान्य विचार यही है कि कार्यपालिका संगठन की दृष्टि से एकल होनी चाहिए , जिससे उसके द्वारा शासन व्यवस्था संचालन का कार्यकुशलता पूर्वक किया जा सके , किन्तु स्विटजरलैण्ड में कार्यपालिका 7 सदस्यों की एक संघीय परिषद को प्रदान की गयी है और संघीय परिषद के इन सातों सदस्यों की शक्तियां बिल्कुल समान होती हैं । इसी आधार पर इसे बहुल कार्यपालिका ( Plural Executive ) कहा जाता है और स्विटजरलैण्ड में यह बहुल कार्यपालिका सफलता के साथ कार्य कर रही है । इस प्रकार की बहुल कार्यपालिका का एक मात्र उदाहरण सोवियत संघ और स्विटजरलैण्ड की शासन व्यवस्था में आधारभूत अन्तर है । बहुल कार्यपालिका इस बात की प्रतीक है कि स्विटजरलैण्ड में प्रजातन्त्रीय भावना बहुत गहरी उतरी हुई है । 

 12 - स्विटजरलैण्ड में संशोधन - प्रक्रिया पर टिप्पणी लिखिये

स्विस संविधान में संशोधन की प्रक्रिया का उल्लेख अनुच्छेद 192 से 195 में किया गया है । उसके साथ ही संविधान संशोधन के प्रसंग में लोक निर्णय का प्रावधान है । तथा संशोधन प्रस्ताव का प्रारम्भ जनता की पहल पर आरम्भ के आधार पर ही किया जा सकता है । लोक निर्णय या जनमत संग्रह और आरम्भक को संविधान संशोधन के प्रसंग में किस प्रकार अपनाया जायेगा , इसका उल्लेख अनु 0 138 से 142 में किया गया है । इस प्रकार अनु ० 138 से 142 संविधान संशोधन की प्रक्रिया से सम्बन्धित है । 

स्विस संविधान में संशोधन की प्रक्रिया अन्य राज्यों की तुलना में अधिक जनतांत्रिक है क्योंकि इस संशोधन प्रक्रिया के दोनो ही चरणों ( संशोधन की प्रस्तावना और संशोधन की पुष्टि ) में जनता को महत्वपूर्ण शक्ति प्रदान की गई है । इसके अतिरिक्त स्विट्जरलैण्ड में अमरीका की तरह न्यायिक पुनर्विलोकन की व्यवस्था नहीं है और इसलिये स्विस संविधान को गतिशीलता . प्रदान करने का कार्य संवैधानिक संशोधन ने ही किया है । 

स्विस संविधान मे दो प्रकार से संशोधन किये जा सकते है पूर्ण संशोधन और आंशिक संशोधन । इन दोनों प्रकार के संशोधन की प्रक्रिया में कुछ अन्तर है । 

पूर्ण संशोधन से संबंधित व्यवस्था अनु 0 193 में की गई है । संविधान में पूर्ण संशोधन का प्रस्ताव एक लाख स्विस मतदाताओं द्वारा अपना संघीय संसद के किसी एक सदन द्वारा आदेश किया जाता है । आशिक संशोधन का प्रारम्भ संघीय संसद के किसी एक सदन द्वारा या एक लाख मतदाताओं द्वारा किया जाता है । 

संशोधन के पुष्टिकरण हेतु एक प्रक्रिया अपनायी जाती है । संशोधन की पुष्टि हेतु प्रस्ताव को लोक निर्णय हेतु रखा जाता है संशोधन तभी पारित समझा जाता है जबकि कैण्टनों के बहुमत तथा स्विस संघ की जनता के बहुमत द्वारा उसे स्वीकार कर लिया जाये । जनता के बहुमत और कैप्टनों के बहुमत द्वारा स्वीकार कर लिये जाने पर संविधान में संबंधित संशोधन हो जाता है ।




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