सामाजिक अधिगम ( Saamaajik Seekh ) क्या है वर्ग में इसकी प्रक्रिया का वर्णन करें
| किस अधिगम को सामाजिक अधिगम के रूप में जाना जाता है |
सामाजिक सीख ( Social Learning ) • महत्वपूर्ण बिन्दु • बर्नहट के अनुसार , " एक परिस्थिति विशेष में किसी एक उद्देश्य की प्राप्ति करने अथवा किसी समस्या को सुलझाने के प्रयास में अभ्यास द्वारा एक व्यक्ति के कार्य में बहुत कुछ स्थायी परिवर्तन लाये जाने को सीखना कहते हैं । " जी . डी . बोआज के अनुसार , " जीवन की सामान्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए व्यक्ति जिस प्रक्रिया के द्वारा अनेक प्रकार की आदतें , ज्ञान और मनोवृत्तियाँ विकसित करता है , इसी को हम सीख कहते हैं । "
सामाजिक सीख ' के मनोवैज्ञानिक कारण हैं
( 1 ) प्रणोदन या अन्तर्नोद ,
( 2 ) संकेत ,
( 3 ) प्रतिक्रिया ,
( 4 ) पुष्टिकरण या प्रबलीकरण ,
( 5 ) सामान्यीकरण तथा विभेदीकरण ,
( 6 ) सुगमता ,
( 7 ) प्रत्याशा ।
सामाजिक सीख के शारीरिक कारण हैं-
( 1 ) अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ ,
( 2 ) केन्द्रीय स्नायुमण्डल ,
( 3 ) रोग ,
( 4 ) आयु ,
( 5 ) लिंग भेद ,
( 6 ) थकान ,
( 7 ) औषधियाँ एवं नशीली दवाएँ ।
सामाजिक सीख के भौतिक कारक हैं-
( 1 ) शुद्ध हवा ,
( 2 ) पानी ,
( 3 ) प्रकाश ,
( 4 ) तापक्रम ,
( 5 ) नमी ,
( 6 ) प्राकृतिक पर्यावरण ।
सामाजिक सीख के सामाजिक कारक हैं
( 1 ) सामाजिक प्रोत्साहन ,
( 2 ) प्रशंसा एवं आरोप ,
( 3 ) अनुकरण ,
( 4 ) सुझाव ,
( 5 ) प्रतिस्पर्द्धा ,
( 6 ) सहयोग
सीखने के सांस्कृतिक कारक हैं
( 1 ) भाषा ,
( 2 ) धर्म ,
( 3 ) प्रथाएँ ,
( 4 ) रीति - रिवाज ,
( 5 ) लोकाचार ,
( 6 ) सामाजिक मूल्य ,
( 7 ) संस्कृति के भौतिक तत्त्व
सीखने की विधियाँ
( 1 ) अनुकरण द्वारा सीखना ,
( 2 ) प्रतिबद्ध प्रक्रिया द्वारा सीखना ,
( 3 ) प्रयत्न और भूल के द्वारा सीखना ,
( 4 ) अन्तर्दृष्टि द्वारा सीखना ,
( 5 ) प्रतीकात्मक सीख
थार्नडाइक के सीखने के सिद्धान्त
थार्नडाइक ने सीखने के सन्दर्भ में तीन सिद्धान्तों का उल्लेख किया है
( 1 ) तैयारी का नियम ,
( 2 ) अभ्यास का नियम ,
( 3 ) प्रभाव का नियम
इवान पैवलाव का सीखने का सिद्धान्त
रूसी मनोवैज्ञानिक इवान पैवलाव ने सीखने की प्रक्रिया में स्थानापन्न ( Substitution ) को महत्वपूर्ण स्थान दिया है । सीखने की प्रक्रिया में केवल बाह्य प्रतिक्रियाएँ ही पर्याप्त नहीं होतीं वरन् स्थानापन्न उत्तेजनाएँ एवं स्थानापन्न प्रतिक्रियाएँ भी परस्पर सम्बन्धित हो जाती हैं ।
हल का सीखने का सिद्धान्त
क्लार्क हल ने अपने सीखने के सिद्धान्त में कुछ प्रमुख तत्त्वों ; जैसे - प्रणोदन , संकेत , प्रतिक्रिया तथा पुष्टिकरण के महत्व का उल्लेख किया है ।
सीख का महत्त्व
सीखने की प्रक्रिया का मानव जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है । यदि मानव में सीखने की क्षमता न होती तो तो वह संस्कृति का धनी नहीं हो सकता था । सीख के महत्व का विभिन्न शीर्षकों के अन्तर्गत निम्न प्रकार उल्लेख किया जा सकता है
( 1 ) समाजीकरण का आधार
समाजीकरण मूलत : सीखने की ही प्रक्रिया है , जिसमें व्यक्ति समाज द्वारा स्वीकृत आदर्शों एवं व्यवहार को ग्रहण करता है । यदि सीखने की प्रक्रिया से मानव को वंचित कर दिया जाय तो उसका समाजीकरण सम्भव नहीं ।
( 2 ) संस्कृति का हस्तान्तरण
सीखने की प्रक्रिया द्वारा व्यक्ति अपनी संस्कृति को सीखता है । इसी सीख से संस्कृति का हस्तान्तरण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को होता है ।
( 3 ) आविष्कारों में वृद्धि
सीखने की प्रक्रिया द्वारा नयी फैशन एवं आविष्कारों का जन्म होता है ।
( 4 ) मानसिक परिपक्वता में वृद्धि
सीखने की प्रक्रिया द्वारा मानव मानसिक दृष्टि से परिपक्व होता है ।
( 5 ) आदतों का निर्माण
सीखने की प्रतिक्रिया द्वारा ही मनुष्य में अनेक आदतों का निर्माण होता है ।
( 6 ) सामाजिक आदर्शों का स्थायित्व
सीखने की प्रक्रिया द्वारा ही सामाजिक आदर्श एवं मूल्य समाज में स्थायी बने रहते हैं और समाज व्यवस्था नियन्त्रित रूप से कार्य करती है ।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
1. " jeevan kee saamaany aavashyakataon ko poora karane ke lie vyakti jis prakriya ke dvaara anek prakaar kee aadaten , gyaan aur manovrttiyaan vikasit karata hai , , इसी को हम सीख कहते हैं । " यह परिभाषा दी है "
( A ) बर्नहर्ट ने
( B ) जी . डी . बोआज ने
( C ) किम्बाल यंग ने
( D ) मिलर ने ।
2. " हम इस शब्द की परिभाषा विस्तृत रूप में यह कहकर कर सकते हैं कि सीखना व्यवहार के परिणामस्वरूप व्यवहार में कोई न कोई परिवर्तन है । " यह परिभाषा दी है
( A ) गिलफोर्ड ने
( B ) बर्नहर्ट ने
( C ) मैक्डूगल ने
( D ) किम्बाल यंग ने ।
3 . सीखने के मनोवैज्ञानिक कारक हैं
( A ) अन्तनोंद
( C ) प्रबलीकरण
( B ) प्रतिक्रिया
( D ) उपर्युक्त सभी
4. निम्न में कौन - सा सीखने का मनोवैज्ञानिक कारक नहीं है ?
( B ) प्रणोदन
( A ) अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ
( C ) पुष्टिकरण
( D ) सामान्यीकरण
5. सीखने के शारीरिक कारण हैं
( A ) रोग
( B ) लिंग भेद
( C ) आयु
( D ) उपर्युक्त सभी
6 . निम्न में से कौन - सा सीखने का शारीरिक कारण नहीं है ?
( A ) अन्त : स्रावी ग्रन्थियाँ
( B ) थकान
( C ) प्रणोदन
( D ) नशीली दवाएँ
7. सीखने के भौतिक कारक हैं
( A ) प्रकाश
( B ) शुद्ध हवा
( C ) प्राकृतिक पर्यावरण
( D ) उपर्युक्त सभी
8. निम्न में से कौन - सा सीखने का भौतिक कारक नहीं है ?
( A ) पानी
( B ) तापक्रम
( C ) थकान
( D ) नमी
9. सीखने का सामाजिक कारक है
( A ) प्रशंसा
( B ) अनुकरण
( C ) सुझाव
( D ) उपर्युक्त सभी
10. सीखने का सामाजिक कारक है
( A ) सामाजिक प्रोत्साहन
( B ) आरोप
( C ) प्रतिस्पर्द्धा
( D ) उपर्युक्त सभी
11. निम्न में से कौन - सा सीखने का सामाजिक कारक नहीं है ?
( B ) सामान्यीकरण
( C ) आरोप
( D ) सुझाव
12. " sujhaav sanvahan kee ek prakriya hai jisake phalasvaroop kisee vyakti dvaara diya gaya prastaav bina kisee tark ke sheeghr hee sveekaar kar liya jaata hai " यह कथन है
( B ) किम्बाल यंग का
( D ) बर्नहर्ट का
( A ) मैक्डूगल का
( C ) गिलफोर्ड का
13. सीखने का सांस्कृतिक कारक है
( A ) प्रथाएँ
( B ) रीति - रिवाज
( C ) लोंकाचार
( D ) उपर्युक्त सभी
14. निम्न में से कौन - सा सीखने का सांस्कृतिक कारक नहीं है ?
( A ) सामाजिक मूल्य
( B ) धर्म
( C ) अनुकरण
( D ) भाषा
15. सीखने की विधियाँ हैं
( A ) अनुकरण द्वारा सीखना
( B ) प्रतिबद्ध प्रतिक्रिया द्वारा सीखना
( C ) प्रयत्न और भूल के द्वारा सीखना
( D ) उपर्युक्त सभी
16. सीखने की विधियाँ हैं
( A ) प्रतीकात्मक सीखना
( B ) अन्तर्दृष्टि द्वारा सीखना
( C ) अनुकरण द्वारा सीखना
( D ) उपर्युक्त सभी
17. निम्न में से कौन - सी सीखने की विधि नहीं है ?
( A ) सामाजिक प्रोत्साहन द्वारा सीखना
( B ) अनुकरण द्वारा सीखना
( C ) अन्तर्दृष्टि द्वारा सीखना
( D ) प्रतीकात्मक सीखना
18. थार्नडाइक का सीखने का सिद्धान्त है
( A ) तैयारी का नियम
( B ) अभ्यास का नियम
( C ) प्रभाव का नियम
( D ) उपर्युक्त सभी
19. निम्न में से कौन - सा थार्नडाइक का सीखने का सिद्धान्त नहीं है
20. इवान पैवलाव ने सीखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान दिया है
21. क्लार्क हल को अनेक सिद्धान्त में सीखने के तत्त्वों को महत्व दिया है
( B ) अन्तर्दृष्टि द्वारा सीखना
( A ) प्रणोदन
( B ) संकेत
( C ) प्रतिक्रिया
( D ) उपर्युक्त सभी
22. सीख का महत्व है
( A ) समाजीकरण का आधार
( C ) आविष्कारों में वृद्धि
( D ) संस्कृति का हस्तान्तरण
( D ) उपयुक्त में सभी
23. सीखने का महत्व है
24. nimnalikhit mein se saamaajik seekh kee kaun - see vidhi nahin hai ?
( A ) अनुकरण
( B ) प्रतिबद्ध प्रक्रिया
( C ) संघर्ष
( D ) प्रयत्न और भूल
25. किसका कथन है'सामाजिक सीख कुशलताओं , यथार्थताओं और मूल्यों को अर्जित करने की ओर संकेत करता है जो अन्य व्यक्तियों के सम्पर्क में रहकर अभ्यास के द्वारा प्राप्त किये जाते हैं ? "
( A ) आलपोर्ट
( B ) किम्बल यंग
( C ) Kobar
( D ) Grin
26. निम्नलिखित का सुमेल कीजिए :
( 2 ) व्यक्ति x समाज ( b ) लुण्डबर्ग
( 3 ) मैं और मुझे ( c ) कूले
( 4 ) आत्मदर्पण सिद्धान्त व्यवहार ( d ) मीड
27. भूमिका ग्रहण की अवधारणा सम्बन्धित है :
( A ) ब्लूमर से
( B ) कूले से
( C ) मीड से
( D ) वेबलेन से
28. निम्नलिखित का सुमेल कीजिए :
( 1 ) उद्विकास ( a ) फ्रायड
( 2 ) सामान्यीकृत अन्य ( b ) स्पेन्सर
( 3 ) पराहम् ( c ) दुर्खिम
( 4 ) सामूहिक चेतना ( d ) मीड
29. किसने कहा है " सामाजिक सीख कुशलताओ , यथार्थताओं और मूल्यों को अर्जित करने की ओर संकेत करता है जो अन्य व्यक्तियों के सम्पर्क में रहकर अभ्यास के द्वारा प्राप्त किये जाते हैं । "
( A ) रोज
( B ) किम्बाल यंग
( C ) बोगार्डस
( D ) गिलफोर्ड
30. किसने कहा है कि " सामाजिक सीख का तात्पर्य कुशलता , यथार्थता और सामाजिक मूल्यों को अर्जित करने की उस दशा में है । जो अन्य व्यक्तियों के साथ सम्पर्क होने से उत्पन्न होती है
( A ) जी ० डी ० बोआज
( B ) कोलविन
( C ) किम्बल यंग
( D ) गेटीज
31. कौन सा कथन सही है ?
( A ) प्रत्येक परिवर्तन प्रगति नहीं है ।
( B ) सीख समाजीकरण की प्रक्रिया है ।
( C ) फ्रायड एक मनोविश्लेषक है ।
( D ) उपर्युक्त सभी
32." मैन एण्ड हिज वर्क्स " पुस्तक किसने लिखी ?
( A ) मैकाइवर एण्ड पेज
( B ) वेस्टरमार्क
( C ) डी ० पी ० मुखर्जी
( D ) हर्सकोविट्ज
33. लिबिडो की धारणा किसने प्रतिपादित की ?
( A ) फ्रोलोव
( B ) फ्रायड
( C ) लैपियर
( D ) lyumale
34. निम्नलिखित में से कौन सी विधि सामाजिक सीख की विधि नहीं हैं -
( A ) अनुकरण
( B ) प्रतिबद्ध प्रतिक्रिया
( C ) प्रयत्न और भूल
( D ) संघर्ष
35. कौन ' प्रतीकात्मक सीख ' के सिद्धान्त से सम्बन्धित है ?
( A ) वुडवर्थ
( B ) के ० यंग
( C ) मैकड्रगल
( D ) पैवलॉव
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