हास्य व्यंग्य का मतलब क्या है | कला की विशेषता क्या है | Homour , Ridicule and Art

 

हास्य व्यंग्य का मतलब

हास्य व्यंग्य विचार | कला समाज का एक प्रतिबिंब बताएं कि यह कैसे हिंदी में इतिहास लिखने के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है?


हास्य व्यंग्य एवं कला ( Homour , Ridicule and Art ) महत्वपूर्ण बिन्दु परिहास - सामाजिक नियंत्रण की स्थापना में परिहास की भूमिका महत्वपूर्ण है । मानव सभ्यता के सम्पूर्ण इतिहास में ऐसा कोई भी समय नहीं मिलता , जब परिहास के द्वारा व्यक्तिगत व्यवहारों पर नियंत्रण न रखा गया हो । वास्तव में परिहास का तात्पर्य किसी समाज विरोधी व्यवहार की स्थिति में सांस्कृतिक मूल्यों के संदर्भ में व्यक्ति की हँसी या उसकी आलोचना करना है । 

सामाजिक नियंत्रण में परिहास का महत्व -

 बोगार्डस ने सामाजिक नियंत्रण में परिहास को उतना ही महत्वपूर्ण स्थान दिया है जितना की धर्म और लोकाचारों को । इस दृष्टि से परिहास की भूमिका को निम्न क्षेत्रों में स्पष्ट करके इसके महत्व को समझा जा सकता है - 

( 1 ) असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण - प्रत्येक समाज में कुछ व्यक्ति या समूह ऐसे कार्य करते हैं जो ऊपर से कानूनों के विरोधी न होने पर भी समाज की परम्पराओं , मूल्यों और समूह कल्याण के लिए हानिकारक होते हैं । ऐसी स्थिति में परिहास के द्वारा इन व्यक्तियों के व्यवहारों पर नियंत्रण रखने का प्रयत्न किया जाता है ।

( 2 ) सामाजिक मूल्यों का नियमन-सामाजिक मूल्य व्यवहार के वे नियम होते हैं जिन्हें एक लम्बे समय से उपयोगी समझा जाता है , जिनका एक विशेष संस्कृति में लोगों के लिए एक विशेष अर्थ होता है । इनमें कुछ नियम सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक होते हैं । जबकि कुछ दूसरे मूल्य इतने रूढ़िवादी होते हैं कि उन्हें समाप्त करके ही समाज को प्रगतिशील बनाया जा सकता है । परिहास के द्वारा उन लोगों का उपहास किया जाता है जो पहले श्रेणी के मूल्यों का विरोध करते हैं । 

( 3 ) असफलताओं का पूरक - परिलस उन व्यक्तियों की सबसे अधिक सहायता करता है जो अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत कम सफल हो पाते हैं । साधारणतया ऐसे व्यक्तियों का व्यक्तित्व पूरी तरह से विघटित होने का डर रहता है लेकिन परिहास व्यक्ति को पुनः अपनी सामाजिक आर्थिक दशाओं में सुधार करने का प्रोत्साहन देता है । 

( 4 ) स्वस्थ मनोरंजन- परिहास का एक महत्वपूर्ण आम समूह के लिए स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करना है । परिहास स्वयं मनोरंजन का आधार है लेकिन इसका मुख्य कार्य मनोरंजन को अस्वस्थ्य साधनों पर नियंत्रण लगाना और उसकी समय - समय पर समीक्षा करके स्वस्थ व्यवहारों को प्रोत्साहन देना होता है । 

( 5 ) अनुपयोगी प्रचार पर नियंत्रण - कोई प्रचार चाहे राजनीतिक हो या सामाजिक , प्रत्येक का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समूह के स्वार्थ को पूरा करना होता है । इस प्रवृत्ति पर नियंत्रण रखन में परिहास बहुत प्रभावशाली साधन सिद्ध हुआ है । परिहास के द्वारा नेताओं को उनके किये गये वादों को याद दिलाई जाती है । 

( 6 ) नियंत्रण का मनोवैज्ञानिक आधार - मानव व्यवहारों की संख्या इतनी अधिक है कि सभी व्यवहारों से सम्बन्धित नियम नहीं बनाए जा सकते । व्यक्ति से यह आशा की जा सकती है कि वह अपने सांस्कृतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए परिस्थिति के अनुसार व्यवहार करे । परिहास व्यक्ति में इस गुण का विकास करते हैं । लैंडिंस के अनुसार , " हास्य एक प्रसन्नमुख स्थिति ही है , जो व्यवहार को सही रखता है । " 

 हास्य और व्यंग्य के साधन

( 1 ) व्यंग्य लेख , 

( 2 ) लोकोक्तियाँ , 

( 3 ) विदूषक , 

( 4 ) व्यंग्य चित्र , 

( 5 ) मौखिक परिहास , 

( 6 ) साहित्य 

 सामाजिक नियंत्रण में हास्य और व्यंग्य की भूमिका

( 1 ) मनोरंजन 

( 2 ) शिक्षात्मक कार्य , 

( 3 ) मनोवैज्ञानिक प्रभाव , 

( 4 ) सामाजिक मूल्यों एवं आदर्शों का प्रतिपादन , 

( 5 ) अपराधी प्रवृत्ति पर नियंत्रण , 

( 6 ) रचनात्मक प्रोत्साहन , 

( 7 ) व्यवहार में परिवर्तन एवं सुधार , 

( 8 ) औपचारिक साधनों की अपर्याप्तता के पूरक । 

 कला-( Art ) मानव ने कला को लय , ताल , गति , स्वर , चित्र आदि अनेक माध्यमों द्वारा व्यक्त किया है । इसके परिणामस्वरूप कविता , गीत , संगीत , नृत्य , चित्रकारी , मूर्तिकला आदि कला की अनेक विधाओं का जन्म हुआ है ।

सामाजिक नियंत्रण में कला की भूमिका

( 1 ) कल्पना , 

( 2 ) सुझाव , 

( 3 ) उत्साह , 

( 4 ) कला सामाजिक मूल्यों एवं आदर्शों का ज्ञान कराती है , 

( 5 ) व्यक्तिगत व्यवहारों पर नियंत्रण , 

( 6 ) कला देशभक्ति के भाव जाग्रत करती है , 

( 7 ) कला समाज में एकता बनाये रखने का कार्य करती है ।

 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. ' हास्य एक प्रसन्नतामुख सिपाही है , जो व्यवहार को सही रखता है । " यह कथन है 

( A ) लैडिंस का 

( B ) किंग्सले डेविस का 

( C ) राबर्टसन का 

( D ) हार्टले ब्रदर्स का 

2. हास्य - व्यंग्य के साधन हैं 

( A ) व्यंग्य लेख 

( B ) लोकोक्तियाँ 

( C ) विदूषक 

( D ) उपर्युक्त सभी 

3. हास्य - व्यंग्य का कौन - सा साधन नहीं है ? 

( A ) व्यंग्य चित्र 

( B ) मौखिक परिहास 

 ( C ) साहित्य

( D ) व्यक्तित्व 

 4. सामाजिक नियंत्रण में हास्य और व्यंग्य की भूमिका है 

( A ) शिक्षात्मक कार्य 

 ( B ) मनोरंजन 

( C ) मनोवैज्ञानिक प्रभाव 

( D ) उपर्युक्त सभी 

5. सामाजिक नियंत्रण में हास्य - व्यंग्य की कौन - सी भूमिका नहीं है ? 

( A ) सामाजिक मूल्यों एवं आदर्शों का प्रतिपादन 

( B ) अपराधी प्रवृत्ति पर नियंत्रण 

( C ) रचनात्मक प्रोत्साहन 

( D ) व्यक्तित्व का निर्माण

6. " कला एक क्रिया है , जो इसके व्यावहारिक या उपयोगी मूल्य के अतिरिक्त कलाकार को तथा उन लोगों को जोकि उसके कार्य में दर्शक , श्रोता या सहयोगी के रूप में अंश ग्रहण करते हैं , सन्तुष्टि प्रदान करती है । यही सौन्दर्यपूर्ण या ललित तत्व है जो कि कला को संस्कृति के दूसरे पक्षों से पृथक् करता है । " यह कथन है 

( A ) बील्स एवं हॉइजर का 

( B ) लैडिंग्स का 

( C ) बोगार्डस का 

( D ) बेटी बैंग का 

7. सामाजिक नियंत्रण में कला की भूमिका है 

( B ) संगीत 

( A ) लोक गीत 

( C ) चित्रकला 

( D ) उपर्युक्त सभी 

8. निम्न में से कौन - सी सामाजिक नियंत्रण में कला की भूमिका नहीं है ? 

( A ) भवन निर्माण कला 

( B ) संगतराशी 

( C ) नृत्य 

( D ) अपराधी प्रवृत्ति पर नियंत्रण 

9. सामाजिक नियंत्रण में कला की भूमिका है

( A ) कल्पना 

( C ) उत्साह 

( B ) सुझाव 

( D ) उपर्युक्त सभी 

10. निम्न में से कौन सी सामाजिक नियंत्रण में कला की भूमिका नहीं है ? 

( A ) कला सामाजिक प्रथाओं का ज्ञान कराती है 

( B ) कला सामाजिक मूल्यों का ज्ञान कराती है 

( C ) कला देश भक्ति के भाव जाग्रत करती है 

( D ) कला धन अर्जित करने का सुगम साधन है 

11. किसके कार्टून सामाजिक दोषों पर सटीक वार करते रहे । हैं 

( A ) शंकर 

( B ) परसाई 

( C ) मदनमोहन 

( D ) उपर्युक्त में कोई नहीं 

12. हिन्दी के किस लेखक ने अनेक व्यंग्य लेख लिखकर सामाजिक दोषों को उजागर किया है ? 

( A ) हजारी प्रसाद द्विवेदी ने 

( B ) हरिशंकर परसाई ने 

( C ) प्रताप नारायण मिश्र ने 

( D ) उपर्युक्त सभी ने 

 13. वर्तमान में किसके नाम से अनेक चुटकले बनाये गये हैं 

( A ) शर्मा जी 

( B ) पंडित जी 

( C ) लाला जी 

( D ) सरदार जी

14. आँख का अन्धा , नाम नयनसुख क्या है ? 

( A ) व्यंग्य लेख 

( B ) मौखिक परिहास 

( C ) लोकोक्ति 

( D ) विदूषक 

15. उपहास है ।

( A ) सामाजिक स्वीकृति 

( B ) सामाजिक मानदण्ड 

( C ) लोकरीति

( D ) लोकाचार 

16. हास्य एवं व्यंग्य साधन है 

( A ) सामाजिक नियन्त्रण

 ( B ) सामाजिक परिवर्तन

( C ) दण्ड 

( D ) शिक्षा 

17. निम्नलिखित में से कौन - सा सामाजिक नियन्त्रण का साधन नहीं है ?

( A ) परिहास 

( B ) साहित्य 

( C ) उपहास 

( D ) उपर्युक्त में से कोई नहीं


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