सामाजिक परिवर्तन की विशेषताएं | Saamaajik Parivartan Kee Prakriya

 

सामाजिक परिवर्तन के कौन कौन से प्रकार हैं?
निम्न में से कौन भारत में सामाजिक परिवर्तन का कारक नहीं है


सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रियाएँ ( Processes of Social Change ) महत्वपूर्ण बिन्दु  उद्विकास ( Evaluation ) - किसी भी वस्तु के बाहर की और फैलने को उद्विकास कहते हैं । मैकाइवर एवं पेज लिखते हैं , " जैव There is not only continuity in change but there is also a direction of change, so by such change we mean evolution. , तो ऐसे परिवर्तन से हमारा तात्पर्य उद्विकास से होता है । " मैकाइवर ने उद्विकास को आन्तरिक शक्तियों द्वारा होने वाला परिवर्तन कहा है । 

 उद्विकास की विशेषताएँ 

उद्विकास की अवधारणा को उसकी विशेषताओं के आधार पर और अधिक स्पष्ट किया जा सकता है 

( 1 ) udvikaas sadaiv saralata se jatilata kee or hota hai- praarambh mein kisee vastu ya praanee ke ang ghule - mile evan dhundhale hote hain  , धीरे - धीरे उनमें अन्तर स्पष्ट होने लगता है , वे पृथक् हो जाते हैं तथा उनका स्वरूप भी निश्चित हो जाता है । उदाहरण के लिए प्रारम्भ में भ्रूण एक माँस का पिण्ड होता है , धीरे - धीरे उसके हाथ , पाँव , नाक , आँख आदि दिखायी देने लगते हैं । कान , 

( 2 ) उद्विकास निरन्तर एवं धीमी गति से परिवर्तन की एक प्रक्रिया है- उद्विकास में परिवर्तन निरन्तर होता है , किन्तु वह इतनी धीमी गति से होता है कि परिवर्तन को देख पाना सम्भव नहीं होता । 

( 3 ) उद्विकास विभेदीकरण की एक प्रक्रिया है - उद्विकास के दौरान जीव अथवा समाज के विभिन्न अंगों में विभिन्नता पैदा होती है । वस्तु के अंग या शाखाएँ धीरे - धीरे स्पष्ट एवं पृथक् होती जाती हैं । 

( 4 ) उद्विकास एक सार्वभौमिक प्रक्रिया है , अर्थात् यह सभी स्थानों व एवं कालों में पायी जाती है । 

( 5 ) उद्विकास एक निश्चित दिशा में होने वाला परिवर्तन है- यद्यपि यह निश्चित नहीं होता कि यह दिशा क्या होगी । 

( 6 ) udvikaas vastu kee aantarik vrddhi ke kaaran hota hai .  

( 7 ) During evolution, there is a qualitative change in the commodity or society and not a numerical one.  In 

( 8 ) evolution is a process without value अर्थात् प्रगति की तरह इसका सम्बन्ध अच्छाई - बुराई से नहीं होता । 

( 9 ) udvikaas kuchh nishchit charanon evan kram mein hone vaala parivartan hai- arthaat pratham charan ke baad dviteey evan dviteey ke baad trteey charan aata hai- अर्थात् प्रथम चरण के बाद द्वितीय एवं द्वितीय के बाद तृतीय चरण आता है । aisa nahin ho sakata ki pratham ke baad trteey aur phir dviteey charan aaye । उदाहरण के रूप में , एक बच्चा पहले युवा होगा फिर वृद्ध न कि पहले वृद्ध और फिर युवा । 

( 10 ) udvikaas ke charanon kee punaraavrtti nahin hotee hai- जिस चरण को छोड़ दिया गया है , पुन : उसे प्राप्त नहीं किया जा सकता , jaise ek baalak yuva hone ke baad pun : baalak kee avastha praapt nahin kar sakata ।

लेस्टर वार्ड के अनुसार , " प्रगति वह है जो मानवीय सुख वृद्धि करती है । ' हॉरनेल हार्ट के अनुसार , “ saamaajik pragati saamaajik dhaanche mein ve parivartan hai jo ki maanaveey kaaryon ko mukt karen , prerana aur suvidha pradaan karen tatha use sangathit karen .। " ऑगबर्न एवं निमकॉफ के अनुसार , “ प्रगति का अर्थ होता है- अच्छाई के लिए परिवर्तन और इसीलिए प्रगति में मूल्य - निर्धारण होता है । 

 सामाजिक प्रगति की विशेषताएँ 

सामाजिक प्रगति की अवधारणा को अधिक स्पष्टत : समझने के लिए हम यहाँ उसकी विशेषताओं का उल्लेख करेंगे । 

( 1 ) प्रगति वांछित दिशा में परिवर्तन है- किसी भी दिशा में परिवर्तन को प्रगति नहीं कहते हैं वरन् सामाजिक मूल्यों के अनुरूप तथा वांछित लक्ष्यों की ओर होने वाला परिवर्तन ही प्रगति है । 

( 2 ) प्रगति तुलनात्मक है- प्रगति की अवधारणा तुलनात्मक है । अर्थात् समय और स्थान के अनुसार वह बदलती रहती है । एक समाज में जनसंख्या की वृद्धि प्रगति मानी जा सकती है तो दूसरे समाज में नहीं । 

( 3 ) pragati saamoohik jeevan se sambandhit hotee hai- pragati ka sambandh kisee vyakti vishesh ke mooly ya laabh se na hokar saamoohik laabh evan moolyon se hai । 

ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में विकास को " एक क्रमिक उन्मिलन ( A gradual unfolding ) , किसी भी वस्तु की अधिकतम जानकारी , जीवाणु का विकास "In the meaning of etc.  For example, the development of physical and mental changes when a child attains a young age is called.  Similarly, the growth of disease in the body is also called development. । किन्तु विकास का यह अर्थ सामाजिक विकास से भिन्न है । 

सामाजिक उद्विकास एवं सामाजिक विकास 

 कई बार सामाजिक उद्विकास एवं विकास को समान ही समझ लिया जाता है । किन्तु इन दोनों में निम्नांकित अन्तर है 

( 1 ) विकास सदैव ऊर्ध्वगामी ( upward ) होता है जबकि उद्विकास किसी भी दिशा में हो सकता है । यह ऊपर एवं नीचे किसी भी दिशा में हो सकता है । 

( 2 ) विकास में परिवर्तन पूर्व - नियोजित ढंग से लाये जाते हैं जबकि उद्विकास में मानव का कोई हस्तक्षेप नहीं होता , वह स्वतः ही होता है । 

( 3 ) उद्विकास का सम्बन्ध मानव के सम्पूर्ण सामाजिक जीवन से है जबकि विकास सामाजिक जीवन के कुछ ही पक्षों में सम्भव है । इस प्रकार उद्विकास विकास की तुलना में एक व्यापक प्रक्रिया है । 

( 4 ) उद्विकास एक मूल्य - रहित और तटस्थ अवधारणा है , वह अच्छाई एवं बुराई को प्रकट नहीं करती जबकि विकास में कुछ सीमा तक मूल्य जुड़े होते हैं । अतः वह तटस्थ प्रक्रिया न होकर प्रगति के अधिक नजदीक है ।

( 5 ) उद्विकास एक स्वत : चालित एवं अचेतन प्रक्रिया है जबकि विकास के लिए प्रयत्न किये जाते हैं और वह एक जागरूक प्रक्रिया है । 

( 6 ) उद्विकास कुछ निश्चित नियमों से व क्रमों द्वारा घटित होता है जो सभी समयों एवं समाजों में समान रूप से होता है जबकि विकास के नियम एवं क्रम तय नहीं हैं और हर समाज में इसके क्रम भी भिन्न - भिन्न हैं । 

फ्रेयरचाइल्ड समाज में होने वाले अचानक परिवर्तनों को क्रान्ति कहते हैं । सोरोकिन का मत है कि जब समाज में सामाजिक लक्ष्यों एवं मूल्यों में अत्यधिक गड़बड़ी , अस्थिरता और अनिश्चितता पैदा हो जाती हो और इसके परिणामस्वरूप समाज में अशान्ति तथा समाज एवं सांस्कृतिक व्यवस्था में अस्थिरता पैदा हो जाती हो तो उसे क्रान्ति कहते हैं । 

 उपर्युक्त सम्पूर्ण विवेचन के आधार पर सामाजिक क्रान्ति की निम्नांकित विशेषताएँ प्रकट होती हैं 

( 1 ) क्रान्ति सामाजिक परिवर्तन का एक ढंग या प्रकार है । यह एक ऐसा परिवर्तन है जो निरन्तर नहीं होता वरन् आकस्मिक रूप से घटित होता है । 

( 2 ) क्रान्ति के कारण सामाजिक नेतृत्व में परिवर्तन आ जाता पुराने नेताओं एवं अभिजातों का स्थान नये नेता एवं अभिजात ग्रहण कर लेते हैं । 

( 3 ) क्रान्ति का क्षेत्र व्यापक है , यह सामाजिक , धार्मिक , राजनीतिक , आर्थिक एवं सांस्कृतिक , आदि किसी भी क्षेत्र में घटित हो सकती है । 

( 4 ) क्रान्ति के कारण समाज तथा उसके विभिन्न पक्षों में आमूल - चूल परिवर्तन आ जाता है । 

( 5 ) क्रान्ति के परिणाम अप्रत्याशित होते हैं । किसी भी क्रान्ति के परिणामों के बारे में निश्चित रूप से यह नहीं कहा जा सकता कि उसके केवल अमुक परिणाम ही निकलेंगे । 

( 6 ) क्रान्ति लाभदायक भी हो सकती है और हानिप्रद भी । क्रान्ति के कारण कुछ पक्षों को लाभ होता है तो कुछ को हानि । 

( 7 ) क्रान्ति से कई बार हिंसा का बोध होता है , किन्तु क्रान्ति के कारण हिंसा होगी ही , यह आवश्यक नहीं है । कई बार हिंसा के द्वारा सत्ता परिवर्तन कर क्रान्ति लायी जाती है तो कई बार प्रजातन्त्र में ' मत ' ( अवजम ) के आधार पर ही अहिंसात्मक तरीकों से सत्ता परिवर्तन कर क्रान्ति लायी जाती है । 

( 8 ) क्रान्ति का उद्देश्य वर्तमान समाज - व्यवस्था के स्थान पर नयी समाज - व्यवस्था की स्थापना करना होता है न कि उसमें सुधार । सुधारवादियों एवं क्रान्तिकारियों में यही अन्तर है कि सुधारवादी पुरानी समाज - व्यवस्था की बुराइयों को दूर कर उसे ही बनाये रखना चाहते हैं जबकि क्रान्तिकारी पुरानी व्यवस्था की कमियों के कारण उसे उखाड़कर नयी समाज - व्यवस्था की स्थापना करना चाहते हैं । 

( 9 ) क्रान्ति का जन्म सामाजिक असन्तोष के कारण होता है । जब समाज में असन्तोष बढ़ता जाता है और उसको दूर करने का प्रयत्न नहीं किया जाता है तो क्रान्ति जन्म लेती है ।

सोरोकिन ने क्रान्ति से बचने के लिए चार उपायों का उल्लेख किया है- 

( 1 ) सुधार कार्यक्रम सदैव मानव स्वभाव एवं मानवीय भावनाओं को ध्यान में रखकर बनाये जायें । 

( 2 ) सुधार कार्यक्रम बनाने से पूर्व उस समाज के लोगों की आवश्यकताओं , स्वभाव एवं भावनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाय । 

( 3 ) किसी भी सुधार कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर लागू करने से पूर्व उसे छोटे पैमाने पर लागू करके उसका परीक्षण कर लिया जाय । 

( 4 ) सुधार कार्यक्रम वैधानिक एवं संवैधानिक ढाँचे के दायरे में लागू किये जायें । क्रान्तियों एवं युद्धों को रोकने के लिए रचनात्मक एवं यथार्थवादी व्यवस्थाओं की स्थापना आवश्यक है 

वस्तुनिष्ठ प्रश्न 

 1. udavikaas ko ek nishchit disha mein hone vaale parivartan maana hai . " kisane kaha? 

( A ) मैकाइवर एवं पेज ने 

( B ) ऑगबर्न एवं निमकॉफ ने 

( D ) पेन्सन ने । 

( C ) डार्विन ने 

2. उदविकास की विशेषताएँ हैं 

( A ) सदैव सरलता से जटिलता की ओर होता है 

( B ) विभेदीकरण की एक प्रक्रिया है 

( C ) एक निश्चित दिशा में होने वाला परिवर्तन है 

( D ) उपर्युक्त सभी 

3. सामाजिक उद्विकास का सिद्धान्त आधारित है 

( A ) डार्विन के उद्विकास पर 

( B ) स्पेन्सर के उद्विकास पर 

( C ) मॉर्गन के उद्विकास पर 

( D ) उपर्युक्त में किसी पर नहीं 

4. Principles of Sociology ' पुस्तक के लेखक हैं

( A ) स्पेन्सर 

( B ) कालांइल 

( C ) डार्विन 

( D ) मैक्समूलर 

5. मॉर्गन ने मानव समाज के उद्विकास के स्तर माने हैं 

( A ) दो 

( B ) तीन 

( C ) चार 

( D ) पाँच 

6. प्रगति वह है जो मानवीय सुख में वृद्धि करती है । " यह कथन है

( A ) हार्ट का 

( B ) लेस्टर वार्ड का 

( C ) ऑगबर्न का 

( D ) निमकॉफ का । 

7.  प्रगति स्वीकृत मूल्यों के सन्दर्भ में इच्छित मूल्यों की ओर बढ़ना है । ' ' यह किसने कहा है ?

 ( A ) लेस्टर वार्ड ने 

( B ) हॉरबेल हार्ट ने 

( D ) लम्ले ने 

( C ) गुरु बीच  एवं मुर ने 

8. सामाजिक प्रगति की विशेषता है  

( a ) pragati tulanaatmak hai 

( b ) pragati saamuhik jeevan se sambandhit hai .

( C ) pragati moolyon par aadhaarit hotee hai 

( d ) uparyukt sabhee

9. bogaards ne pragati ke kitane maapadandon ka ullekh kiya hai  ?

 ( B ) दस 

( A ) पाँच 

( C ) चौदह 

( D ) तीन 

10. हॉर्नेल हार्ट ने प्रगति के कितने मापदण्डों का उल्लेख किया है ? 

( A ) तीन  

( B ) पाँच 

( C ) सात 

( D ) दस 

11. सामाजिक प्रगति में सहायक दशाएँ हैं 

( A ) शिक्षा का उच्च स्तर 

( B ) प्रौद्योगिक एवं वैज्ञानिक प्रगति 

( C ) नवीन आविष्कार 

( D ) उपर्युक्त सभी 

12. " उद्विकास एक निश्चित दिशा में होने वाला परिवर्तन है । " यह मत है

( A ) ऑगबर्न एवं निमकॉफ का 

( B ) मैकाइवर एवं पेज का 

( C ) हॉबहाउस का 

( D ) गुरुविच का 

13. " विकास से मेरा तात्पर्य किसी भी प्रकार की प्रगति है । " यह कथन है 

( A ) हॉब हाउस का 

( B ) निमकॉफ का 

( C ) वॉटोमोर का 

( D ) ऑगबर्न का 

14. " Revolution is a collective movement. " yah kisaka kathan hai ? 

( A ) डेविस का 

( B ) पार्क का 

( C ) मैक्समूलर का 

( D ) डाल्टन का 

 15. " क्रान्ति एक ऐसा आकस्मिक सामाजिक परिवर्तन है जो साधारणतः वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था को बलपूर्वक उलट देने से घटित होता है और जिसके फलस्वरूप सामाजिक तथा कानूनी नियंत्रण के नये स्वरूपों की स्थापना होती है । " यह किसका कथन है ? 

( A ) किम्बाल यंग का 

( C ) डेनिस का 

( B ) मैकाइवर का 

( D ) हार्टले ब्रदर्स का 

16. " क्रांति को राजनीतिक संगठन, सामाजिक संरचना, आर्थिक संपत्ति पर नियंत्रण और सामाजिक व्यवस्था की मुख्य काल्पनिक अवधारणा में व्यापक और आमूलचूल परिवर्तन कहा जाता है।. । " यह किसने कहा है ? 

( A ) डार्विन ने 

( B ) सिगमण्ड न्यूमैन ने 

( D ) ब्रिन्टन ने 

( C ) किम्बाल यंग ने 

17. " Socially, social revolution means a change in the attitudes of individuals and the nature of social people within the current social structure. कि वे उसको भये दृष्टिकोण से देखना प्रारम्भ कर दें । " यह कथन किसका है ? 

( A ) किम्बॉल यंग का 

 ( B ) हिक्स का 

( D ) क्रेन ब्रिन्टन का

( C ) न्यूमैन का 

18. क्रान्ति के कारण हैं 

( A ) परिवर्तन की माँग 

( B ) सफलता की आशा 

( C ) नियंत्रणकारी समूह की कमजोरी में विश्वास 

( D ) उपरोक्त सभी 

19. इलियट एवं मैरिल ने क्रान्ति के कितने कारणों का उल्लेख किया है ? 

( A ) तीन 

 ( B ) पाँच 

( D ) आठ 

( C ) सात 

20. क्रान्ति के परिणाम नहीं हैं 

( A ) विघटन 

( B ) आर्थिक सुरक्षा 

( C ) सत्ता परिवर्तन 

( D ) उपर्युक्त सभी 

21. निम्न में से कौन - सा क्रान्ति का परिणाम नहीं है ?

 ( A )  सामाजिक सुरक्षा

( B ) पारिवारिक विघटन 

( C ) अपराधों में वृद्धि 

( D ) जन - धन की हानि

 22. कौन - सी विशेषता सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया से संबंधित नहीं है 

( A ) समरूप गति 

( B ) आर ० के ० मर्टन 

( C ) के यंग 

( D ) सामाजिक सुरक्षा

23. मानव शरीर की वृद्धि उदाहरण है

 ( A ) प्रगति का 

 ( B ) विकास का 

( C ) उद्विकास का 

( D ) क्रांति का

24. nimnaankit mein kaun - sa kathan sahee nahin hai ? 

( A ) प्रत्येक परिवर्तन प्रगति नहीं है 

( B ) प्रगति एक ऐच्छिक परिवर्तन है 

( C ) उद्विक एक नैतिक अवधारणा है 

( D ) विकास एक परिवर्तन की प्रक्रिया है

25. किसने कहा कि सुरक्षा बाल्व सामाजिक नियंत्रण की लचीली क्रियाविधि है ?

( B ) सी ० एच ० कूले 

( D ) टी 0 पारसंस

( B ) आर के मार्टिन 

( C ) के याँग   

26. " enshient sosaitee " pustak kitane likhee hai 

( B ) टॉयनबी 

( A ) मॉर्गन 

( C ) परेटो 

( D ) मार्क्स 

27. saamaajik udvikaas kee avadhaarana ka pratipaadan kisake dvaara kiya gaya hai

 ( A ) चार्ल्स डार्विन 

( B ) हरबर्ट स्पेन्सर

( C ) सी ० एच ० कूले 

( D ) लेविस मॉर्गन 

28. किसने समाज की भौगोलिक निर्धारण का सिद्धान्त दिया है ? 

( A ) हटिंग्टन 

( B ) हट्टन 

( C ) मैलिनोव्स्की 

( D ) अरविन्दो 

29. सामाजिक उद्विकास की अवधारणा सम्बन्धित है 

 ( A ) पी 0 सोरोकिन से 

( B ) लुईस मॉर्गन से 

( C ) हरबर्ट स्पेंसर से 

( D ) चार्ल्स डार्विन से 

30. saamaajik daarvinavaad mein nimnalikhit mein se kaun vishvaas karata tha ? 

( A ) विसरणवादी 

( B ) उद्विकासवादी 

( C ) प्रकार्य वादी 

( D ) उपर्युक्त सभी 

31. nimnalikhit mein se kaun - sa kaaran anuroopata ke liye uttaradaayee nahin hai ?

( A ) समाजीकरण 

( B ) अपराध 

( C ) सामाजिक नियंत्रण 

( D ) समूह - दबाव 

32. प्रगति का अर्थ होता है achchhaee ke liye parivartan aur isalie pragati mein mooly - nirdhaaran hota hai . । " यह कथन किसका है ?

( A ) आगबर्न एवं निमकॉफ 

( B ) लम्ले 

( C ) मैकाइवर 

( D ) डेविस

33. सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया जिसके लिए व्यक्तियों के सकारात्मक मूल्य होते है , उन्हें कहते हैं :

 ( A ) वैश्वीकरण 

 ( B ) शहरीकरण

 ( C ) विकास 

( D ) आर्थिक संवृद्धि 

34. मैकाइवर व पेज के अनुसार सामाजिक परिवर्तन का मुख्य कारण है 

( A ) आदतें 

( B ) सामाजिक मूल्य

( C ) विचार 

( D ) प्रौद्योगिकी

35. विचलन की प्रकार्यवादी व्याख्या किसने दी ? 

( A ) मर्टन

( B ) पॉरसंस 

( C ) डेविड माट्जा 

( D ) कोहन

   36. nimnalikhit mein se kaun maanav vikaas soochakaank ka dyotak nahin hai?

( A ) राष्ट्रीय प्रतिव्यक्ति आय 

( B ) शिक्षा 

( C ) जीवन प्रत्याशा 

( D ) नगरीकरण का स्तर 

37. " अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ने ' को कहा करते हैं  ? 

( A ) विकास 

( B ) प्रगति 

( C ) क्रान्ति 

( D ) वृद्धि 

38. किसने कहा " उद्विकास कुछ तत्वों का एकीकरण तथा उससे सम्बन्धित वह गति है जिसके दौरान कोई तत्व एक अनिश्चित तथा असम्बद्ध समानता से निश्चित तथा सम्बद्ध भिन्नता में बदल जाता है । 

 ( A ) जिन्सबर्ग 

( B ) डार्विन 

( C ) हरबर्ट स्पेन्सर 

( D ) वेस्टरमार्क 

39. किसका कथन है कि ' किसी भी दिशा में ऐसा विकास अथवा उद्विकास प्रगति कहलाता है जो मूल्य की तार्किक कसौटी पर खरा उतरता हो । 

( A ) गिन्सबर्ग 

( B ) आगबर्न 

( C ) मैकाइवर 

( D ) नेडल 

40. उन्नीसवीं सदी के दौरान समाजशास्त्रीय चिन्तन में किस अवधारणा का प्रचलन था ? 

( A ) विकास 

( B ) आधुनिकीकरण 

( C ) उद्विकास

( D ) प्रगति 

41. हर्बर्ट स्पेन्सर के अनुसार समाज का उद्विकास किस दिशा में हुआ है ? 

 A ) सैनिकवाद से न्यायवाद से औद्योगिक 

( B ) सैनिक से औद्योगिक 

( C ) धार्मिक से वैज्ञानिक 

( D ) जादुई से धार्मिक 

42. द आइडिया ऑफ प्रोग्रेस ' लिखी गई है : 

( A ) मैकाइवर द्वारा 

( B ) जिस्नबर्ग द्वारा 

( C ) लुम्ले द्वारा 

( D ) उपरोक्त में से कोई नहीं

 43. जब परिवर्तन में निरन्तरता के साथ निश्चित दिशा भी हो , तो उसे कहते है 

( A ) प्रगति 

( B ) विकास 

( C ) उद्विकास 

( D ) क्रान्ति 

44. सांस्कृतिक उद्विकासवाद के सिद्धान्त का प्रस्ताव निम्नलिखित में से किसने किया था ? 

( A ) ई.बी. टॉयलर ने 

( B ) हरबर्ट स्पेंसर 

( C ) चार्ल्स डार्विन ने 

( D ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

45. किसने कहा है कि , " उद्विकास एक धीमी प्रक्रिया है , परन्तु बुद्धिमानी से बनाई गई योजनाएँ प्राकृतिक प्रक्रियाओं को तेज कर देती है । " ? 

( A ) लेस्टर एफ . वार्ड ने 

( C ) लुंडविंग स्टीन ने 

( B ) एल.टी. 

( D ) उपर्युक्त सभी

46. निम्न में कौन - सा गलत है ? 

( A ) प्रगति एक नैतिक धारणा है ।

( B ) प्रत्येक परिवर्तन प्रगति है । 

( C ) परिवर्तन प्रकृति का नियम है । 

( D ) प्रगति एक इच्छा परिवर्तन है । 

47. किसने कहा , ' जब परिवर्तन में निरन्तरता ही नहीं होती वरन् परिवर्तन की एक दिशा भी होती है , तो ऐसे परिवर्तन से हमारा तात्पर्य उद्विकास से होता है ? 

( A ) मैकाइवर एवं पेज 

( B ) स्पेन्सर 

( C ) निमकॉफ 

( D ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

48. निम्नलिखित में से किसने कहा है कि हम उन्नति के बिना भी विकास कर सकते हैं ? 

( A ) ऑगबर्न एवं निमकॉफ 

( B ) बर्गेस एवं लॉक ने 

( C ) डेविड रीजमैन ने 

( D ) एस . जिन्जर ने 

49. निम्नलिखित में से यह किसका मत है कि समाज का उद्विकास सैनिकवाद से न्यायवाद से औद्योगिक दिशा में हुआ ?

( A ) मार्क्स का 

( B ) वेब्लन का 

( C ) स्पेन्सर का 

( D ) उपर्युक्त सभी 

50. निम्नलिखित में से किसने कहा है कि , " जब उद्विकास असफल हो जाता है तब सामाजिक क्रान्ति आती है ? 

 ( B ) स्पेन्सर ने 

( A ) डार्विन ने 

( C ) बोगार्डस ने 

( D ) उपर्युक्त में कोई नहीं 

51. " हम विकास के बिना उन्नति कर सकते हैं । " ये शब्द हैं

( A ) एच ० स्पेन्सर के 

( B ) एस ० जिन्जर के 

( C ) ई ० दुखम के 

( D ) उपर्युक्त में कोई नहीं 

52. रिक्त स्थान की पूर्ति उचित विकल्प चुनकर कीजिए : " प्रगति वह परिवर्तन है जो ..... में वृद्धि करता है

( A ) मानव कल्याण 

( B ) आविष्कार 

( C ) आर्थिक संसाधन 

( D ) वर्ग संघर्ष 

53. " क्रान्ति संस्कृति के अन्तर्गत एक महत्वपूर्ण प्रकार का तीव्र गति से होने वाला परिवर्तन है । " ये शब्द हैं 

( A ) ऑगबर्न एवं निमकॉफ के 

( B ) मैकाइवर के 

( C ) डेविस के 

( D ) उपर्युक्त सभी के 

54. उद्विकास के अधोलिखित को पढ़िये : 

 ( A ) बहुपत्नी विवाह 

( B ) यौन - उमुक्तता 

( C ) बहुपति विवाह

( D ) एक विवाह  

उद्विकासवादियों के अनुसार , इनके उद्विकास का सही क्रम है :

( A ) 3,4 , 1 , 2 

( B ) 4 , 3 , 2 , 1 

( C ) 4 , 3 , 1 , 2

( D ) 3 , 4 , 2 , 1

 55. जो परिवर्तन सामाजिक मूल्यों के अनुसार इच्छित दिशा में होता है , उसे कहा जाता है : 

( A ) उद्विकास 

( B ) विकास 

( C ) प्रगति 

( D ) क्रान्ति 

56. निम्नांकित में से विकास के लिए क्या आवश्क है ? 

( A ) नियोजन 

( B ) लोकतान्त्रिक प्रणाली 

( C ) जनसंख्या का छोटा आकार 

( D ) उपर्युक्त में कोई नहीं 

57. " jab parivartan mein nirantarata hee nahin hotee , balki parivartan mein ek hee disha bhee hotee hai , tab hamaara taatpary udvikaas se hota hai " उपरोक्त कथन दिया गया ।

( A ) लेविस मॉर्गन द्वारा 

( B ) हरबर्ट स्पेन्सर द्वारा 

( C ) मैकाइवर एवं पेज द्वारा 

( D ) डब्ल्यू ० जी ० ऑगबर्न द्वारा 

58. ' थियोरीज ऑफ सोशल प्रोग्रेस ' , पुस्तक लिखी गई है

( A ) ई ० एम ० बोगार्डस द्वारा 

( B ) ए 0 जे 0 टॉड द्वारा 

( C ) आर ० बीरस्टीड द्वारा 

( D ) एल ० टी ० हॉबहाउस द्वारा 

59. परिवर्तन जो मुख्यतः आर्थिक वृद्धि से ही सम्बन्धित है , वह है 

( A ) प्रगति 

( B ) विकास 

( C ) आधुनिकीकरण 

( D ) नगरीकरण 

60. परिवर्तन जो इच्छित दिशा में होता है , वह है 

( A ) भौतिक परिवर्तन 

( B ) सामाजिक परिवर्तन 

( C ) सामाजिक प्रगति 

( D ) सामाजिक विकास 

61. एल 0 मॉर्गन द्वारा उद्विकास के स्तरों में किस स्तर का उल्लेख नहीं है ? 

( A ) जंगली अवस्था 

( C ) बर्बरता का स्तर

( B ) प्राचीन अवस्था 

( D ) सभ्यता का स्तर








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