सामाजिक परिवर्तन का रेखीय सिद्धांत | What is the cause of social change
| सामाजिक परिवर्तन क्या है इसके प्रमुख उद्देश्यों का वर्णन कीजिए |
समाजिक परिवर्तन के सिद्धान्त ( Theories of Social Change ) महत्वपूर्ण बिन्दु ,सामाजिक परिवर्तन के जैविकीय सिद्धान्त - सामाजिक परिवर्तन से सम्बन्धित तीन जैविकीय सिद्धान्त प्रमुख हैं-
( 1 ) वंशानुक्रमण का सिद्धान्त ,
( 2 ) प्राकृतिक प्रवरण का सिद्धान्त ,
( 3 ) सावयवी विकास का सिद्धान्त ।
वंशानुक्रमण का सिद्धान्त
वंशानुक्रमण एक प्राणीशास्त्रीय तथ्य है , जिसका अध्ययन ' जनन विद्या ' के द्वारा किया जाता है । जनन विद्या के आधार पर ही हम व्यक्ति के विभिन्न शारीरिक गुणों का अध्ययन करते हैं ।
प्राकृतिक प्रवरण का सिद्धान्त
प्राकृतिक प्रकरण का सिद्धान्त केवल भौतिक पर्यावरण से अनुकूलन नहीं कर सकने की स्थिति में ही लागू नहीं होता , बल्कि उन प्राणियों पर भी लागू होता है , जो सीमित साधनों की उपलब्धता के कारण अपनी जीविका सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाते हैं । ऐसे प्राणियों का निरसन हो जाता है । स्पष्ट है कि प्राकृतिक प्रवरण के सिद्धान्त तथा अस्तित्व के संघर्ष में योग्यतम प्राणी का अति जीवन के बीच घनिष्ठ सम्बन्ध है । यह सम्बन्ध इस रूप में दर्शाया गया है ।
अस्तित्व के लिए संघर्ष इन तीन प्रकारों में होता है-
( 1 ) प्राणियों का भौतिक पर्यावरण से संघर्ष ,
( 2 ) मनुष्यों का अन्य प्राणियों से संघर्ष ,
( 3 ) समस्त प्राणियों का आपसी संघर्ष ।
सर्वप्रथम प्राणियों को अपने भौतिक या प्राकृतिक पर्यावरण से संघर्ष करना पड़ता है । इसमें तेज सर्दी , गर्मी एवं मौसम सम्बन्धी प्रभाव आते हैं ।
सावयवी उद्विकास का सिद्धान्त
प्राणीशास्त्रीय उद्विकास के सन्दर्भ में स्पेन्सर ने ' अस्तित्व के लिए संघर्ष ' ( Struggle for Existence ) का सिद्धान्त दिया । इस सिद्धान्त के अनुसार , प्रकृति में सभी जीव अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं । एक जीव को अन्य जीवों से एवं प्रकृति से भी अपनी रक्षा करनी होती है । इसके लिए जीवों को अपने भौतिक पर्यावरण से अनुकूलन करना पड़ता है । जो जीव पर्यावरण के साथ अपना अनुकूलन नहीं कर पाता उसका अस्तित्व मिट जाता है । प्रकृति भी ऐसे ही जीवों का जीवित रहने के लिए चयन करती है जो पर्यावरण से सफलतापूर्वक अनुकूलन कर लेते हैं और अनुकूलन नहीं करने वाले को समाप्त कर देती है ।
इस प्रकार स्पेन्सर ने' प्राकृतिक प्रवरण का सिद्धान्त (Theory of Natural Selec tion) प्रतिपादित किया
हरबर्ट स्पेन्सर का सिद्धान्त
समाजशास्त्र को एक विज्ञान के रूप में प्रतिष्ठित करने वाले विद्वानों में हरबर्ट स्पेन्सर का नाम प्रमुख है । स्पेन्सर ने डार्विन द्वारा प्रतिपादित अनेक मान्यताओं को स्वीकार करते हुए यह सिद्धान्त प्रस्तुत किया कि सामाजिक परिवर्तन सदैव एक रेखीय क्रम में सरलता से जटिलता की दिशा में होता है ।
स्पेन्सर ने ऐसी चार मुख्य अवस्थाओं का उल्लेख किया जिनसे होकर समाज का सद्विकास हुआ है । स्पेन्सर ने जिन नामों से सम्बोधित किया , उन्हें हम सरल समाज , संश्लिष्ट समाज दोहरे संश्लिष्ट समाज तथा जटिल संश्लिष्ट समाज कहते हैं ।
1. सरल समाज ( Simple Society ) - यह मानव समाज की सबसे प्रारम्भिक स्थिति थी जिसमें व्यक्तियों के बीच कोई स्पष्ट भेद - भाव या ऊँच - नीच नहीं थी । ऐसे समाजों का आकार काफी छोटा , था तथा उनमें कोई स्पष्ट राजनीतिक संगठन देखने को नहीं मिलता । था । यह समरूपी समाज ( uniform society ) थे ।
2. संश्लिष्ट समाज ( Compound Society ) - जब अनेक छोटे - छोटे समाज अथवा कबीले मिलकर एक इकाई के रूप में संगठित हो जाते हैं तथा इस तरह से संगठित होने वाले सभी परिवारों और व्यक्तियों का जीवन एक सामान्य शक्ति से नियन्त्रित होने लगता है त ऐसे समाज को हम संश्लिष्ट समाज कहते हैं ।
3. दोहरे संश्लिष्ट समाज ( Double Compound Societies ) - स्पेन्सर ने लिखा है , " जब समाजों में गोत्रों की स्थापना होती है , तब दोहरे संश्लिष्ट समाजों का विकास होता है । "
4. उच्च संश्लिष्ट समाज ( Trebly Compound Society ) - इस तरह के समाजों को स्पेन्सर ने जटिलतम समाजों के रूप में स्वीकार किया है । उनका कथन है कि परिवर्तन की प्रक्रिया में दोहरे संश्लिष्ट समाजों से सम्बन्धित अनेक गोत्र - समूह मिलकर अपने आपको एक बड़े समुदाय को संगठित करने लगते हैं । इसी समुदाय को हम अकसर एक जनजाति कहते हैं ।
अनुकूलतम जनसंख्या का सिद्धान्त
माल्थस का जनसंख्या सिद्धान्त , जनसंख्या में वृद्धि तथा खाद्यान्न आपूर्ति में वृद्धि के मध्य सम्बन्ध की व्याख्या करता है । is siddhaant ka kathan hai ki " janasankhya mein jeevan nirvaah saadhanon kee apeksha teevr gati se badhane kee pravrtti hetee hai . Population tends to outrun subsistence
इस प्रकार , yah siddhaant spasht karata hai ki khaady poorti kee apeksha janasankhya mein adhik tejee se vrddhi hotee hai और यदि इस जनसंख्या वृद्धि पर रोक न लगाई गयी तो परिणामस्वरूप दुराचार या विपत्ति ( Vice or misery ) उत्पन्न हो जाती है । इस प्रकार , माल्थस ने अपने ' जनसंख्या के सिद्धान्त ' नामक निबन्ध में अपने समय में व्याप्त आशावादी | विचारों को कुछ पृष्ठों में ही ध्वस्त कर दिया तथा एक कष्टपूर्ण समाज की कल्पना की । माल्थस ने यह मत व्यक्त किया कि समाज जनसंख्या वृद्धि के ऐसे भयावह जाल में फँसता जा रहा है जहाँ से निकलना तो दूर मनुष्य की प्रजनन प्रवृत्ति उसे एक ऐसे भँवर में ले जा रही है जहाँ उसका अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा ।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
1. सामाजिक परिवर्तन के जैविकीय सिद्धान्त हैं
( A ) वंशानुक्रमण का सिद्धान्त
( B ) प्राकृतिक प्रवरण का सिद्धान्त
( C ) सावयवी उद्विकास का सिद्धान्त
( D ) उपर्युक्त सभी ।
2. निम्न में से कौन - सा सामाजिक परिवर्तन का जैविकीय सिद्धान्त नहीं है ?
( A ) वंशानुक्रमण का सिद्धान्त
( B ) प्राकृतिक प्रवरण का सिद्धान्त
( C ) डार्विन का उद्विकास का सिद्धान्त
( D ) उपर्युक्त में से कोई नहीं ।
3. वंशानुक्रमण एक प्राणी शास्त्रीय सिद्धान्त है , जिसका अध्ययन किसके द्वारा किया जाता है ?
( A ) जनन विद्या
( B ) गुण सूत्र
( C ) उत्परिवर्तन
( D ) उपर्युक्त सभी ।
4. कोष्ठ ( व्मसस ) के भीतर भरा रहता है
( A ) कोशारस
( B ) जीन रस
( C ) गुण सूत्र
( D ) उपर्युक्त सभी
5 प्रत्येक नाभिक में कितने गुण सूत्र होते हैं ?
( A ) 12
( B ) 24
( C ) 36
( D ) 48
6. प्राकृतिक प्रवरण का सिद्धान्त सर्वप्रथम किसने लागू किया ?
( A ) डार्विन ने
( C ) माल्थस ने
( B ) स्पेन्सर ने
( D ) इबलडे ने
7. प्राकृतिक प्रवरण का सिद्धान्त मनुष्यों पर सर्वप्रथम किसने लागू किया ?
( A ) हरबर्ट स्पेन्सर ने
( C ) कीलर ने
( B ) डार्विन ने
( D ) माल्थस ने
8. अस्तित्व के लिए संघर्ष होता है
( A ) प्राणियों का भौतिक पर्यावरण से संघर्ष
( B ) मनुष्यों का अन्य प्राणियों से संघर्ष
( C ) समस्त प्राणियों का आपसी संघर्ष
( D ) उपर्युक्त सभी
9. जब परिवर्तन में निरन्तरता नहीं होती varan parivartan kee ek disha bhee hotee hai to parivartan se hamaara taatpary udvikaas se hota hai . " yah Whose statement is this
(A) Spencer ne
(B) Darwin
(C) MacIver and Page
(D) Keeler।
10. ' अस्तित्व के लिए संघर्ष के सिद्धान्त ' का प्रतिपादन किसने किया ?
( A ) मैकाइवर एवं पेज ने
( C ) गिसबर्ट ने
( B ) स्पेन्सर ने
( D ) डार्विन ने
11. ' Principles of Sociology ' पुस्तक के लेखक हैं
( A ) हरबर्ट स्पेन्सर
( B ) रॉबिन्स
( D ) सॉण्डर्स
( C ) डॉल्टन
12. ' anukoolatam janasankhya siddhaant ke pratipaadak hain
( a ) robins
( b ) spensar
( ch ) daarvin
( d ) maalthas
13. माल्थस के जनसंख्या सिद्धान्त की मान्यता है
( A ) स्त्री एवं पुरुष के बीच काम भावना स्वाभाविक है ।
( B ) मनुष्य को जीवित रहने के लिए भोजन अनिवार्य है
( C ) कृषि में उत्पत्ति ह्रास नियम लागू होता है
( D ) उपर्युक्त सभी
14. ' Welth ' पुस्तक के लेखक हैं
( A ) एडविन कैनन
( B ) रॉबिन्स
( C ) डॉल्टन
( D ) स्पेन्सर
15. अनुकूलतम जनसंख्या सिद्धान्त को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
( A ) रॉबिन्स ने
( C ) साण्डर्स ने
( B ) डॉल्टन ने
( D ) उपर्युक्त सभी ने
16. अनुकूलतम जनसंख्या वह है jisase adhikatam utpaadan sambhav hota hai . " yah kathan kisaka hai ?
( A ) डाल्टन का
( B ) डबलडे का
( C ) रॉबिन्स का
( D ) स्पेन्सर का
17. ' मनुष्य की संख्या में वृद्धि और खाद्यपूर्ति में विपरीत सम्बन्ध होता है । " यह विचार है
( A ) डबलडे का
( B ) माल्थस का
( C ) डाल्टन का
( D ) किंग्सले का
18. पुस्तक ' मॉडर्न सोशियोलॉजिकल थ्योरी ' के लेखक कोन हैं ?
( A ) टॉयनबी
( B ) अब्राहम
( C ) सोरोकिन
( D ) मूर
19. किसने अपने सामाजिक परिवर्तन के सिद्धान्त में धार्मिक , तात्विक एवं प्रत्यक्ष स्तरों की बात की है ?
( A ) मॉर्गन
( B ) दुखम
( C ) स्पेन्सर
( D ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
20. पाजिटिव फिलॉसफी ' पुस्तक किसने लिखी है ?
( A ) मार्क्स
( B ) सोरोकिन
( C ) वेब
( D ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
21. पुस्तक ' स्टडी ऑफ हिस्ट्री ' के लेखक कौन है ?
( A ) टायनबी
( B ) मार्क्स
( C ) कोंत
( D ) मॉर्गन
22. kisane abhijan ke paribhraman ka siddhaant diya hai ?
( A ) मार्क्स
( B ) ऑगर्बन
( C ) सोरोकिन
( D ) पेरेटो
23. पुस्तक ' मांइड एण्ड सोसाइटी ' के लेखक हैं
( A ) बेबर
( C ) सोरोकिन
( B ) स्पेन्सर
( D ) पेरेटो
24. निम्नलिखित में से किसने ' कन्टेम्पोरेरी सोशियोलॉजिकल थ्योरीज- नामक पुस्तक लिखी है ?
( A ) मार्क्स
( B ) बेबर
( C ) सोरोकिन
( D ) स्पेन्सर
25. nimnalikhit mein se kaun - sa saamaajik parivartan ke chakreey siddhaant ke antargat aata hai ?
( A ) स्पेंग्लर का सामाजिक परिवर्तन
( B ) परेटो का अभिजात वर्ग का परिभ्रमण
( C ) सोरोकिन का सांस्कृतिक परिवर्तन
( D ) उपर्युक्त सभी
26. किसने कहा कि ' समाज में एक शासकीय अभिजन वर्ग का प्रादुर्भाव होता है , उसके प्रभुत्व में वृद्धि होती है , फिर उसका पतन आरम्भ होता है तथा अंत में उसका स्थान कुछ दूसरे योग्य अभिजनों द्वारा ले लिया जाता है । "
( A ) ऑगर्बन
( B ) कोत
( C ) मोस्का
( D ) परेटो
27. विचारकों के निम्नलिखित समूहों में से कौन - सा सामाजिक परिवर्तन के रेखीय सिद्धान्त से सम्बन्धित है ?
( A ) कॉम्टे , परेटो और मार्क्स
( B ) कॉम्टे , सोरिकन और स्पेन्सर
( C ) परेटो , ऑगबर्न और मार्क्स
( D ) कॉम्टे स्पेन्सर और मार्क्स
28. किसका सामाजिक परिवर्तन का चक्रीय सिद्धान्त “ chunautee aur pratyuttar siddhaant " par aadhaarit hai ?
( A ) e . dablyoo green
( B ) arnaald toyanabee
( C ) aagast kont
( D ) ogabarn
29. “ itihaas kulaiainatantron ka kabristaan hai yah kisaka kathan
( A ) स्पेन्सर
( B ) परेटो
( C ) टॉयनबी
( D ) स्पेंग्लर
30. पेरेटो का समाजिक परिवर्तन का सिद्धान्त है
( A ) अभिजात वर्ग का परिभ्रमण
( B ) शासक वर्ग का परिभ्रमण
( C ) वर्ग का परिभ्रमण
( D ) उपर्युक्त में कोई नहीं
31. निम्नलिखित सिद्धान्तों में से किसमें , ' लायन ' और ' फॉक्स ' का उल्लेख है ?
( A ) आत्म दर्पण - दर्शन सिद्धान्त
( B ) अभिजात वर्ग के परिभ्रमण का सिद्धान्त
( C ) रेखीय सिद्धान्त
( D ) वर्ग संघर्ष सिद्धान्त
32. kisane kaha ki samaaj vaichaarik , taatvik tatha vaigyaanik avasthaon se gujarata hai ?
( A ) दुखीम
( B ) मैकाइवर
( C ) सेंट साइमन
( D ) कॉम्टे
33. सामाजिक परिवर्तन में निम्नलिखित विश्लेषकों में से किसने ' रेन्टियर ' और स्पेकलेटर ' पदों का प्रयोग किया है ?
( A ) टी 0 वेबलेन
( B ) वी ० परेटो
( C ) के ० मार्क्स
( D ) ए ० जे ० टॉयनबी
34. संदर्भ - समूह राष्ट्र सर्वप्रथम प्रयोग किया था
( A ) हायमन ने
( B ) मर्टन ने
( C ) श्रीनिवास ने
( D ) कूले ने
35. किनका सामाजिक परिवर्तन का सिद्धान्त चक्रीय नहीं है ?
( A ) स्पेंग्लर
( B ) स्पेंसर
( C ) परेटो
( D ) टॉयनबी
36. कार्ल मार्क्स सामाजिक परिवर्तन के किस सिद्धान्त से सम्बन्ध रखते है
( A ) चक्रीय सिद्धान्त
( B ) प्रकार्यात्मक सिद्धान्त
( C ) उद्विकासीय सिद्धान्त
( D ) संघर्ष सिद्धान्त
37. nimnalikhit mein se kaun - sa yugm sahee nahin hai ?
( A ) मार्क्स - वर्ग संघर्ष
( B ) वेबलेन - विलासी वर्ग
( C ) सोरोकिन - सांस्कृतिक गतिशीलता
( D ) परेटो - सांस्कृतिक पिछड़ना
38. निम्नलिखित का सुमेल कीजिए
( 1 ) अभिजात वर्ग के परिभ्रमण का सिद्धान्त ( a ) कूले
( 2 ) परिवर्तन का चक्रीय सिद्धान्त ( b ) सोरोकिन
( 3 ) परिवर्तन का सांस्कृतिक सिद्धान्त ( c ) टायनबी
( 4 ) विनाशकारी चुनौतियों और उनके प्रत्युत्तर का सिद्धान्त
( d ) पैरेटो
कूट
( Ae ) ( 1 - ae ) , ( 2 - dee ) , ( 3 - c ) , ( 4 - Bee )
( Bee ) ( 1 - dee ) , ( 2 - ae ) , ( 3 - bee ) . ( 4 - c )
( C ) ( 1 - a ) , ( 2 - d ) , ( 3 - c ) , ( 4 - b )
( D ) ( 1 - c ) , ( 2 - d ) , ( 3 - c ) , ( 4 - a )
39. da diklain oph da vest pustak ke lekhak kaun hain ?
( A ) स्पेंग्लर
( B ) परेटो
( C ) टॉयनबी
( D ) बोटोमोर
40. निम्नलिखित में से कौन सामाजिक परिवर्तन के रेखीय सिद्धात नहीं मानते
( A ) अगस्त कामटे
( B ) स्पेन्सर
( C ) कार्ल मार्क्स
( D ) पैरेटो
41. निम्नलिखित में से कौन ऑगस्त कॉम्टे के सामाजिक परिवर्तन के तीन स्तर के सिद्धान्त में नहीं है ?
( A ) धार्मिक स्तर
( B ) तात्विक स्तर
( C ) प्रत्यक्षवादी स्तर
( D ) मानवतावादी स्तर
42. saamaajik parivartan ke chakreey siddhaant se sambandhit siddhaantakaar kaun hai ?
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